फरहान अख्तर की ‘120 बहादुर’ शुरू से अंत तक है दमदार, ओटीटी रिलीज पर कोर्ट का निर्देश

फरहान अख्तर की मोस्ट अवेटेड वॉर ड्रामा फिल्मं ‘120 बहादुर’ इसी शुक्रवार 21 नवंबर 2025 को रिलीज हो रही है। इस फिल्म का फर्स्ट रिव्यू सामने आ गया है। लद्दाख के रेजांग ला दर्रे में भारत-चीन युद्ध की इस सच्ची कहानी है। इस ऐतिहासिक घटना में कम संख्या में मौजूद भारतीय रणबांकुरों ने भारी संख्या में हमला करने वाले चीनी सैनिकों को धूल चटा दी थी। आइए जानते हैं फर्स्ट रिव्यू में इस फिल्म को लेकर क्या कहा जा रहा है। वहीं यहां ये भी बता दें कि इस फिल्म के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने 21 नवंबर को फिल्म रिलीज की अनुमति दे दी है।

रजनीश ‘राजी’ घई के डायरेक्शन में तैयार हुई ये फिल्म ‘120 बहादुर‘ 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान रेजांग ला की लड़ाई पर बनी फिल्म है, जहां 3,000 चीनी सैनिकों ने एक भारतीय चौकी पर हमला कर दिया था। 18,000 फीट की जबरदस्त ऊंचाई, माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तापमान, संसाधनों की कमी और कठोर परिस्थितियां लेकिन वहां तैनात भारतीय जवानों ने हार नहीं मानी और लद्दाख के रेजांग ला दर्रे में चीनी का डटकर मुकाबला किया।

इन 120 बहादुरों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर की देश की रक्षा

1962 में 3,000 चीनी सैनिकों का एक भारतीय चौकी पर हमला और उस वक्त 13वीं कुमाऊं रेजिमेंट की केवल एक कंपनी भारतीय चौकी पर तैनात थी, जहां चीनी सैनिकों की भारी संख्या के सामने यहां केवल 120 सैनिक तैनात थे। इन 120 बहादुरों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर चीनी सेना को केवल रोका ही नहीं बल्कि मौत के घाट भी उतारे। देश के इन्हीं वीरों की कहानी को अब एक दिन बाद बड़े पर्दे पर उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

बर्फ की चादरों से ढंके बंकर में 120 बहादुरों की कहानी दफन

इस युद्ध के बाद करीब तीन महीनों तक बर्फ की चादरों से ढंके बंकर में 120 बहादुरों की कहानी दफन रही थी। बाद में जब बर्फ पिघलनी शुरू हुई तो सेना के अन्य अधिकारियों को और धीरे-धीरे आम लोगों को भी पता चलने लगा कि रेजांग ला के युद्ध में किस तरह 13 कुमाऊं रेजीमेंट के 120 सैनिकों ने भारत माता की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवाई। भारतीय सैनिकों के पास गोला-बारूद खत्म थे, फिर भी कहते हैं कि उनमें से एक-एक ने दस-दस चीनियों को मारा था। हालांकि भारतीय दावों के मुताबिक, इस वॉर में 1300 चीनी सैनिक मारे गए थे, जबकि चीन की तरफ से कहा गया था कि उसके 500 सैनिक मारे गए। 1962 का ये युद्ध चीन की सबसे बड़ी क्षति में से एक मानी जाती थी।

लोगों ने इंटरनेट पर इस फिल्म को लेकर क्या कुछ कहा

लद्दाख के रेजांग ला दर्रे पर चीनी सैनिकों के खिलाफ हुए युद्ध में शहीद हुए 120 भारतीय सैनिकों की वीरता की इस कहानी ने फिल्म की शुरुआती स्क्रीनिंग पर लोगों को काफी प्रभावित किया है। फरहान अख्तर स्टारर इस फिल्म में सैनिकों की बहादुरी को सम्मानित करने के तरीके की जमकर तारीफ की है। फिल्म को लेकर शुरुआती रिव्यूज़ सोशल मीडिया पर आ गए हैं। आइए देखते हैं कि रिलीज से पहले फिल्म देख चुके लोगों ने इंटरनेट पर इस फिल्म को लेकर क्या कुछ कहा है।

‘फिल्म 120 बहादुर हर तरह से लाजवाब’

सोशल मीडिया पर फिल्म देखने वालों ने ‘120 बहादुर’ को लेकर खूब सारे रिएक्शंस दिए हैं। एक ने ट्वीट करते हुए X पर लिखा है, ‘शक्तिशाली और बेबाक ढंग से बनाई गई ये फिल्म 120 बहादुर हर तरह से लाजवाब है। बेहतरीन सिनेमैटोग्राफी, अट्रैक्टिव बैकग्राउंड स्कोर और कुछ जबरदस्त लाजवाब सीन। फरहान अख्तर कमाल के कलाकारों के साथ कमाल के हैं।’

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *