रिलायंस के 44 लाख निवेशकों के लिए गुड न्यूज, कहां तक जा सकता है मुकेश अंबानी का यह शेयर?

नई दिल्ली: देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पिछले साल निगेटिव रहा था लेकिन इस बार इसने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। 2025 में अब तक 26% से ज्यादा चढ़ चुका है। इस उछाल से कंपनी का मार्केट कैप 4.4 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया है और अब यह लगभग 21 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। शुक्रवार को यह शेयर बीएसई पर 52 हफ्ते के नए उच्चतम स्तर 1,557.95 रुपये पर पहुंचा। साफ है कि मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाला यह विशाल ग्रुप एक बार फिर पूरी ताकत से वापसी कर रहा है।

आखिर इस तेज उछाल के पीछे क्या कारण हैं? दरअसल, रिलायंस के अलग-अलग कारोबारों में एक साथ कई अच्छी खबरें आ रही हैं। रिफाइनिंग के मुनाफे में बढ़ोतरी, टेलीकॉम टैरिफ में इजाफा, रिटेल बिजनेस में लगातार मजबूती और भविष्य में कंपनी की वैल्यू को और बढ़ाने वाले कई मौके। ये सब फैक्टर मिलकर इस तेजी को हवा दे रहे हैं। सोमवार को कंपनी का शेयर बीएसई पर गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। 11.30 बजे यह 0.60% गिरावट के साथ 1536.70 रुपये पर था।

जियो का आईपीओ

जेफरीज ने रिलायंस जियो के लिए अपना टारगेट एंटरप्राइज वैल्यू बढ़ाकर 180 अरब डॉलर कर दिया है। जेफरीज का अनुमान है कि जियो 2026 से 2028 के वित्तीय वर्षों में अपने रेवेन्यू और EBITDA में सालाना 18% और 21% की दर से बढ़ोतरी करेगा। इसके कई कारण हैं। मसलन मोबाइल टैरिफ में लगातार वृद्धि, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस तकनीक के कारण होम ब्रॉडबैंड कारोबार में मजबूत ग्रोथ, एंटरप्राइज के कारोबार का विस्तार और टेक्नोलॉजी के बेहतर इस्तेमाल से कमाई बढ़ना।

टेलीकॉम की कहानी तो बस एक हिस्सा है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने रिलायंस को ‘BUY’ रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस 1,735 रुपये रखा है। इसके पीछे रिटेल कारोबार में जबरदस्त मजबूती, न्यू एनर्जी इनिशिएटिव्स में दिख रही प्रगति और मीडिया सेगमेंट का बढ़ता महत्व है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि रिलायंस के विविध ग्रोथ इंजन और बेहतर रिटर्न की उम्मीदों के चलते 2026 से 2028 के वित्तीय वर्षों में कंपनी का प्रति शेयर मुनाफा (EPS) सालाना 15% की दर से बढ़ेगा। कंपनी के फ्री कैश फ्लो यील्ड और रिटर्न रेशियो भी उम्मीद से बेहतर रहने की संभावना है।

O2C का शानदार कमबैक

रिलायंस का ऑयल-टू-केमिकल्स अब जोरदार वापसी कर रहा है। एशिया में रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार हुआ है। इसके पीछे अच्छे फंडामेंटल, रिफाइनरी में रखरखाव का काम पूरा होना, मौसम का असर और भू-राजनीतिक घटनाएं शामिल हैं। यूबीएस (UBS) के अनुसार, डीजल, जेट फ्यूल और पेट्रोल के दाम मजबूत हुए हैं। खासकर जेट फ्यूल के लिए तो आने वाली सर्दियों में हीटिंग की जरूरतों के कारण आउटलुक काफी सकारात्मक है। यूबीएस ने ‘Buy’ रेटिंग और 1,820 रुपये का टारगेट प्राइस बनाए रखा है।

रिटेल बिजनेस

रिटेल कारोबार भी वैल्यू बढ़ाने का एक और संभावित अवसर प्रस्तुत करता है। जानकारों का कहना है कि रिटेल कारोबार में वैल्यू बढ़ाने के लिए कुछ किया जा सकता है। यह भी काफी बड़ा हो गया है और वहां कुछ वैल्यू-अन लॉकिंग उपाय किए जा सकते हैं। अगर और जब ऐसा होता है, तो शेयर में तेजी देखने को मिलेगी। कुल मिलाकर रिलायंस के 44 लाख शेयरधारकों के लिए यह साल अच्छा साबित हो रहा है।

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