बोर्ड एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए लक्ष्य, अनुशासन और निरंतर अभ्यास जरूरी : कलेक्टर

गरियाबंद।  जिले के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बोर्ड एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आज जिला पंचायत सभाकक्ष में अभिप्रेरणा अंतर्गत 10वीं एवं 12वीं कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए “कॉफी विद कलेक्टर” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन गौरव गरियाबंद अभियान के अंतर्गत किया गया। जिसमें कक्षा 10वीं एवं 12वीं की तिमाही परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के कुल 60 मेधावी विद्यार्थियों को विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस दौरान कलेक्टर  बी.एस. उइके ने विद्यार्थियों को कहा कि बोर्ड परीक्षा सफलता की पहली सीढ़ी है, वहीं प्रतियोगी परीक्षाएं भविष्य की दिशा तय करती हैं। दोनों में सफलता के लिए विद्यार्थियों को अभी से लक्ष्य निर्धारित कर एकाग्रता एवं अनुशासन के साथ पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा में मेरिट सूची में स्थान पाने के लिए पाठ्यक्रम की गहरी समझ, नियमित पुनरावृत्ति, समयबद्ध अध्ययन और उत्तर लेखन का अभ्यास अत्यंत आवश्यक है। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक अर्जित करने के लिए विषयवार शॉर्ट नोट्स तैयार करें, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का नियमित अभ्यास करतें रहे, समय-सीमा में उत्तर लिखने की आदत डालें तथा उत्तर को बिंदुवार, साफ-सुथरी हैंडराइटिंग और सही प्रस्तुतीकरण के साथ लिखें। उन्होंने कहा कि निरंतर अभ्यास और आत्ममूल्यांकन से ही मेरिट में स्थान संभव है। कार्यक्रम में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर विद्यार्थियों को विशेष रूप से प्रेरित किया गया।

कलेक्टर ने कहा कि सिविल सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं के लिए अभी से समसामयिक घटनाओं की जानकारी, नियमित समाचार-पत्र अध्ययन, सामान्य अध्ययन एवं वैचारिक स्पष्टता विकसित करना आवश्यक है। वहीं, मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं जेईई मेंस एवं जेईई एडवांस की तैयारी के लिए एनसीईआरटी आधारित अध्ययन, अवधारणात्मक स्पष्टता, नियमित मॉक टेस्ट और प्रश्नों के विश्लेषणात्मक अभ्यास पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कार्यक्रम में मेंटर्स द्वारा विद्यार्थियों को बताया गया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए निरंतर अभ्यास, सिलेबस का समयबद्ध पूर्ण करना, विगत वर्षों के प्रश्नपत्रों का अध्ययन तथा कमजोर विषयों पर विशेष कार्य करना आवश्यक है। विद्यार्थियों को गौरव गरियाबंद के ऑनलाइन क्लास के साथ-साथ अन्य विश्वसनीय ऑनलाइन एवं ऑफलाइन संसाधनों के माध्यम से निरंतर शिक्षक-मार्गदर्शन में अध्ययन करने की सलाह दी गई।

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को मोबाइल के संतुलित एवं सकारात्मक उपयोग का संदेश देते हुए कहा कि मोबाइल का उपयोग ज्ञान अर्जन का माध्यम बने, न कि ध्यान भटकाने का। उन्होंने विद्यार्थियों से मोबाइल उपयोग को केवल शैक्षणिक कार्यों तक सीमित रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ वन-टू-वन संवाद करते हुए कलेक्टर श्री उइके एवं जिला पंचायत के सीईओ  प्रखर चंद्राकर ने उनके प्रश्नों का समाधान किया तथा भविष्य निर्माण के लिए आत्मविश्वास, धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही समाचार पत्र-पत्रिकाएं नियमित रूप से पढ़ने को कहा। जिससे कि देश-विदेश एवं आसपास में हो रही घटनाओं के बारे में जानकारी मिल सकें। कार्यक्रम में वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से बोर्ड परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने हेतु उत्तर लेखन, आलेख, प्रस्तुतीकरण तथा समय प्रबंधन की तकनीकों की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी  जगजीत सिंह धीर, डीएमसी  शिवेश शूक्ला, गौरव गरियाबंद के नोडल अधिकारी  श्याम चंद्राकर, सहायक नोडल  मनोज केला, बीईओ  गजेन्द्र धु्रव, बीआरसीसी छन्नू लाल सिन्हा,  शुभम पटेल सहित संबंधित संस्थान के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में मेधावी विद्यार्थी उपस्थित थे।

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