जेसीआई रायपुर कैपिटल ने सिखाया माइंडफुलनेस का मंत्र

रायपुर। आज का युवा सोशल मीडिया की चकाचौंध, नेटफ्लिक्स की मैराथन दौड़, करियर में आगे निकलने की होड़ और वर्क-लाइफ बैलेंस की जद्दोजहद में बुरी तरह फंस चुका है। मानसिक तनाव, चिंता और भावनात्मक अस्थिरता उसका पीछा नहीं छोड़ रही। ऐसे में युवाओं को स्पष्ट सोच, शांत मन और वतर्मान पल में जीने की कला सिखाने के लिए जेसीआई रायपुर कैपिटल जोन-27 ने रविवार को एक अनूठा आयोजन किया। नवनिर्वाचित जोन अध्यक्ष जेसी सूरज अग्रवाल के नेतृत्व में बेस्ट कंप्यूटर इंस्टिट्यूट के सभागार में माइंडफुलनेस वर्तमान में जीने की कला विषय पर विशेष प्रशिक्षण सत्र रखा गया।

मुख्य वक्ता जेसी मनीष कुमार सरवैया ने रोचक कहानियों, रोजमर्रा की घटनाओं और वैज्ञानिक तथ्यों के जरिए समझाया कि कैसे हमारा दिमाग अतीत की चिंताओं और भविष्य की फिक्र में भटकता रहता है, जबकि जीवन तो केवल वतर्मान पल में ही सांस लेता है। जेसी मनीष ने जोर देकर कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के युग में भावनात्मक बुद्धिमत्ता का महत्व कई गुना बढ़ गया है। कंपनियां अब उन कर्मचारियों को तरजीह दे रही हैं जो मानवीय संवेदनाओं को समझें और तनाव में भी संभाल सकें। माइंडफुलनेस इसका सबसे सरल और प्रभावी उपाय है।

सत्र के दौरान प्रतिभागियों को माइंडफुल ब्रीदिंग, माइंडफुल वॉकिंग और मनपसंद संगीत सुनते हुए वर्तमान में लौटने के व्यावहारिक अभ्यास करवाए गए। कुछ मिनट का सामूहिक ध्यान सत्र भी आयोजित हुआ, जिसमें सभी ने गहरी सांसों के साथ अपने मन को शांत किया। अंत में खुले प्रश्नोत्तर सत्र सत्र में युवाओं ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं और व्यक्तिगत समस्याओं पर सुझाव लिए। लगभग 50 विद्यार्थियों-युवाओं ने इस सत्र में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में जोन सचिव जेसी प्रणेश जैन, श्रीमती पूजा सरवैया, जेसी अरिजीत सिंह, जेसी नरेंद्र देवांगन, जेसी गौरव कोटडिया सहित कई जेसी सदस्य उपस्थित रहे। जेसी सूरज अग्रवाल ने कहा, हमारा लक्ष्य है कि रायपुर का हर युवा तनावमुक्त, सजग और सकारात्मक जीवन जिए। माइंडफुलनेस इसी दिशा में एक मजबूत कदम है। संस्था के मीडिया प्रभारी ने बताया कि आगे भी ऐसे कई जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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