प्राइवेट नौकरी करते हैं और अगले साल हो रहे हैं रिटायर, कितनी पेंशन मिलेगी? कैसे होता है इसका कैलकुलेशन

नई दिल्ली: अपने यहां सरकारी नौकरी (Government Job) पहले भी कम थी। अब तो बेहद कम हो गई है। ऐसे में अधिकतर लोग प्राइवेट सेक्टर में ही नौकरी (Private Job) करते हैं। अगर आप भी एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं और आपका पीएफ कटता है। तो आप ईपीएफओ (EPFO) की इम्प्लॉइज पेंशन स्कीम या EPS योजना के तहत पेंशन (PF Pension) पाने के हकदार है। हम बता रहे हैं इस योजना के तहत पेंशन की गणना कैसे होती है।

क्या है EPS योजना

कर्मचारियों को रिटायर होने के बाद पेंशन देने की EPS योजना को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) संचालित करता है। इस योजना के तहत कर्मचारी की सैलरी का कुछ हिस्सा कंपनी काटती है और ईपीएफ में जमा करती है। साथ ही साथ कंपनी भी आपके हिस्से के बराबर आपके पीएफ में योगदान देती है। उसका एक हिस्सा ईपीएस यानी इम्प्लॉइज पेंशन स्कीम में जाता है। इसी से आपके पेंशन का निर्धारण होता है।

पेंशन की पात्रता कैसे बनेगी

कोई भी कर्मचारी अगर एक निश्चित समय तक नौकरी करता है और नियमित रूप से पीएफ में योगदान करता है। तो वह एक उम्र के बाद पेंशन पाने के योग्य हो जाता है। हम यहां जानेंगे कि अगर कोई प्राइवेट कर्मचारी अगले साल यानी 2026 में रिटायर हो रहा है तो उसे कितनी पेंशन मिलेगी। दरअसल, ईपीएफओ ने कर्मचारियों के पेंशन के लिए पात्रता या Eligibility तक की हुई है। ईपीएस के तहत पेंशन पाने की पात्रता तभी होती है जबकि कर्मचारी की कम से कम से कम 10 साल की पेंशन योग्य सेवा हो।

किस उम्र पर मिलना शुरू होगा पेंशन

ईपीएफओ ने पेंशन की उम्र 58 साल तय की है। मतलब कि इस उम्र में कर्मचारी पेंशन के लिए योग्य होत हैं। हालांकि वह इस उम्र से पहले नौकरी छोड़ दिए हों या उनकी नौकरी छूट गई हो तो वह 50 साल की उम्र से ही जल्दी पेंशन (कम) पा सकते हैं। इस उम्र में पेंशन शुरू करवाने पर चार फीसदी कम पेंशन मिलेगा। जब 58 साल पूरा होने के बाद पेंशन का विकल्प चुनते हैं, तो पूरा पेंशन मिलेगा। यह पेंशन ज्यादा बनता है।

क्या है कैलकुलेशन का फॉर्मूला

इम्प्लॉईज पेंशन स्कीम (EPS) का मुख्य फॉर्मूला है मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य सैलरी × पेंशन योग्य सर्विस)/70
पेंशन योग्य सैलरी: आपकी पिछले 60 महीनों की बेसिक सैलरी + महंगाई भत्ते का औसत।
सैलरी कैप: पेंशन कैलकुलेशन के लिए ₹15,000 प्रति माह।
पेंशन योग्य सर्विस: EPS के तहत योगदान किए गए कुल साल (अधूरे सालों के लिए राउंड अप किया जाएगा, अधिकतम 35 साल)।
यह फॉर्मूला EPFO द्वारा आपकी सर्विस और सैलरी हिस्ट्री के आधार पर सही पेंशन सुनिश्चित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

2026 में हुए रिटायर तो कितनी मिलेगी पेंशन?

मान लीजिए हरि प्रसाद नाम के एक कर्मचारी ने साल 2001 में नौकरी शुरू की और वह 2026 में रिटायर होना चाहते हैं। इस साल तक उसकी कुल सर्विस 25 साल की होगी। तो उस हिसाब से उसे कितनी पेंशन मिलेगी? हम यहां इसी उदाहरण को लेते हुए उनके पेंशन की गणना करते हैं।
हरि प्रसाद की पेंशन योग्य सैलरी = 15,000 रुपये
पेंशन योग्य सर्विस = 25 साल
कैलकुलेशन- 15,000×25÷70 = 5,357.14 रुपये। इसे राउंड ऑफ करें तो पेंशनर को हर महीने 5,357 रुपये का पेंशन मिलेगी। लेकिन यह पेंशन 58 साल की उम्र से शुरू होगी। लेकिन अगर आप 50 साल की उम्र से पेंशन का विकल्प चुनते हैं तो आपकी पेंशन 4% कम हो जाएगी। वहीं, 58 साल के बाद पेंशन को टालने पर (60 साल तक) रकम हर साल लगभग 4% बढ़ जाती है।

ज्यादा का योगदान कर सकते हैं?

केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने साफ किया है कि 21 नवंबर को सोशल सिक्योरिटी कोड और तीन अन्य कोड लागू होने के बाद, प्रॉविडेंट फंड में मालिकों और कर्मचारियों का 15,000 की तय मासिक वेतन सीमा से ज्यादा का योगदान स्वैच्छिक है।

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