श्रीराम जी के बिना हनुमान जी अधूरे : पंडित धीरेंद्र शास्त्री

भिलाई। औद्योगिक नगरी भिलाई के जयंती स्टेडियम में चल रही दिव्य हनुमंत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमान चालीसा की छठवीं चौपाई “हाथ बज्र व ध्वजा विराजे” की व्याख्या करते हुए कहा कि आज के समय में सनातन धर्म और हिंदुओं की रक्षा के लिए ध्वज, माला और भाला तीनों का साथ आवश्यक है।

पंडित शास्त्री ने कहा कि हनुमान जी की भक्ति और सेवा भाव से ही श्रीराम का कार्य पूर्ण हुआ। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “श्रीराम जी के बिना हनुमान जी और हनुमान जी के बिना श्रीराम जी अधूरे हैं।” हनुमान चालीसा को उन्होंने अधर्म और बुरी शक्तियों के विरुद्ध बज्र बाण बताते हुए कहा कि यदि मनुष्य इसे अपने आचरण में उतार ले, तो उसका कल्याण निश्चित है।

कथा के दौरान पंडित शास्त्री ने गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान चालीसा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसमें केवल भक्त और भगवान की महिमा ही नहीं, बल्कि मानव जीवन का सार और नैतिक कर्तव्यों की व्याख्या भी है, जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। श्रीराम-हनुमान भक्ति के भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पाण्डेय, सांसद विजय बघेल धर्मपत्नी श्रीमती रजनी बघेल, अहिवारा विधायक डोमन लाल कोसेवाड़ा, प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष विभा अवस्थी, भिलाई की महापौर श्रीमती अल्का बाघमार, नीरज पाल, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव की माता पुष्पा देवी यादव, पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने कथा श्रवण कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

सेवा समर्पण संस्था के संयोजक राकेश पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित इस दिव्य हनुमंत कथा में दुर्ग, भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव सहित छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

आयोजकों के अनुसार, हनुमंत कथा के तीसरे दिन शनिवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक दिव्य दरबार लगाया जाएगा, जिसमें पर्ची के माध्यम से लोगों की समस्याओं के समाधान बताए जाएंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक पुनः कथा का आयोजन होगा।

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