‘नहीं हटाया तो’, एलन मस्‍क की X को नोट‍िस के साथ सरकार की कड़ी चेतावनी, 72 घंटे में करना है ये काम

नई दिल्ली: भारत सरकार ने अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्स’ को कड़ा नोटिस जारी किया है। सरकार ने ‘एक्स’ से तुरंत उन सभी अश्लील और गैर-कानूनी कंटेंट को हटाने का आदेश दिया है जिन्‍हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से बनाया गया है। यह एक्‍शन खासकर ‘एक्स’ के एआई ऐप ‘ग्रोक’ की तैयार की गई आपत्तिजनक सामग्री को लेकर की गई है। सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर ‘एक्स’ ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने यह नोटिस भारत में ‘एक्स’ के चीफ कम्‍प्‍लायंस ऑफिसर को भेजा है। इस नोटिस में कहा गया है कि ‘एक्स’ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत तय किए गए अपने कानूनी दायित्वों का पालन नहीं कर रहा है।

72 घंटे में मांगी है व‍िस्‍तृत र‍िपोर्ट

मंत्रालय ने साफ निर्देश दिया है कि ‘एक्स’ को लागू कानूनों का उल्लंघन करने वाली, पहले से बनाई गई या प्रसारित की गई सभी सामग्री को तुरंत हटाना होगा या उसकी पहुंच को निष्क्रिय करना होगा। यह एक्‍शन आईटी नियम, 2021 में तय की गई समय-सीमा के भीतर पूरी होनी चाहिए ताकि सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके।

मंत्रालय ने ‘एक्स’ को यह भी निर्देश दिया है कि वह आपत्तिजनक सामग्री, ऐसे यूजरों और खातों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जो इन नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। अमेरिका स्थित इस सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म को आदेश जारी होने के 72 घंटे के भीतर एक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) जमा करनी होगी। इस रिपोर्ट में बताना होगा कि उसने क्या कदम उठाए हैं।नोटिस में विशेष रूप से ‘ग्रोक’ ऐप के दुरुपयोग से तैयार की गई अश्लील, नग्न, आपत्तिजनक और यौन गतिविधियों को स्पष्ट रूप से दर्शाने वाली सामग्री पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा गया है। इसमें ऐसी सामग्री की होस्टिंग, निर्माण, प्रकाशन, प्रसारण, साझा करने या अपलोड करने पर लगाम लगाने की बात कही गई है।

मंत्रालय ने दी है कड़ी चेतावनी

मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि निर्धारित वैधानिक प्रावधानों का पालन न करने को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो प्‍लेटफॉर्म, उसके जिम्मेदार अधिकारी और कानून का उल्लंघन करने वाले यूजरों के खिलाफ बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस तरह की कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, आईटी नियमों, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और अन्य लागू कानूनों के तहत की जाएगी।

मंत्रालय ने बताया कि सरकार को सार्वजनिक चर्चाओं और संसदीय प्रतिनिधियों से मिली शिकायतों के जरिये यह जानकारी मिली है कि ‘एक्स’ पर प्रसारित कुछ सामग्री शालीनता और अश्लीलता से जुड़े कानूनों के अनुरूप नहीं है। यह भी पता चला है कि ‘ग्रोक’ जैसे एआई टूल का इस्तेमाल करके आपत्तिजनक सामग्री बनाई जा रही है।

तुरंत हस्‍तक्षेप की उठी थी मांग

इससे पहले, राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक पत्र लिखकर ‘ग्रोक’ ऐप के दुरुपयोग से महिलाओं की अश्लील तस्वीरें बनाए जाने के मामलों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी। उन्होंने इस गंभीर मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया था।

मंत्रालय ने 29 दिसंबर को भी सभी सोशल मीडिया कंपनियों से अपने अनुपालन ढांचे की तत्काल समीक्षा करने और अश्लील एवं गैरकानूनी सामग्री के खिलाफ कदम उठाने के लिए कहा था। उस समय भी चेतावनी दी गई थी कि ऐसा न करने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यह नया नोटिस उसी कड़ी कार्रवाई का हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सोशल मीडिया मंचों का दुरुपयोग न हो और वे देश के कानूनों का पालन करें। एआई तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ सरकार ऐसी सामग्री पर विशेष ध्यान दे रही है जो समाज के लिए हानिकारक हो सकती है।

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