रेलवे में अब नहीं दिखेगी अंग्रेजों के जमाने की यह निशानी, रेल मंत्री ने किया बड़ा ऐलान

नई दिल्ली: देश की लाइफलाइन कही जाने वाली रेलवे बड़े बदलाव से गुजर रही है। इसी कड़ी में अब रेल कर्मचारियों की यूनिफॉर्म में भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को यह बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि रेलवे में अब अंग्रेजों के जमाने के बंदगले वाले काले कोट नहीं दिखेंगे। रेल मंत्री ने कहा कि हमें हर उस चीज को हटाना है जो गुलामी की निशानी है।

टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक वैष्णव ने एक कार्यक्रम में कहा, "हमें अपनी सोच से भी गुलामी की मानसिकता को निकालना होगा। चाहे वह हमारे काम करने का तरीका हो या फिर हमारे पहनावे का तरीका, हमें हर जगह से इन पुरानी चीजों को हटाना होगा।" उन्होंने कहा, ‘आज मैं पहली घोषणा कर रहा हूं। हमारे जो बंद गले का काला सूट अंग्रेजों ने शुरू किया था, आज से यह रेलवे में फॉर्मल ड्रेस नहीं रहेगी।"

पुरानी रीतियां बदलेंगी

यह सिर्फ रेलवे की वर्दी तक ही सीमित नहीं है। सरकार बड़े पैमाने पर ऐसी पुरानी रीतियों को पहचानने का काम कर रही है जो अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही हैं। इसमें विश्वविद्यालयों में होने वाले दीक्षांत समारोहों में पहने जाने वाले गाउन और टोपी भी शामिल हैं। साथ ही, अफसरों को औपचारिक मौकों पर जो बंद गले वाला कोट पहनना पड़ता है। अब उसे भी बदलने पर विचार हो रहा है। कुछ राज्यों में तो कलेक्टरों और मेयरों के साथ काम करने वाले कर्मचारियों को भी खास तरह की वर्दी पहनने का नियम है।

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