साहब! नाली का पानी शुद्ध कैसे? पीकर दिखाइए:भोपाल में सैंपलिंग के नाम पर छल

भोपाल, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हर मंगलवार को जल सुनवाई करने के आदेश दिए हैं। भोपाल के सभी 85 वार्डों में भी 2 घंटे तक जल सुनवाई की जाती है, लेकिन सैंपलिंग के नाम पर छल हो रहा है।

वार्डों में मौजूद कर्मचारी केवल 10 मिलीलीटर पानी में 3 बूंद क्लोरीन मिलाकर जांच कर रहे हैं, जबकि आदेश के अनुसार 11 पैमानों पर पानी की जांच करना है। इस बीच नाली के पानी को शुद्ध बताने पर विपक्ष ने शहर सरकार को जमकर घेरा है।

इस मंगलवार को जल सुनवाई के रियलिटी चेक में कर्मचारी ने 15 सेकंड में ही नाली के पानी को ही शुद्ध बता दिया था। इसके बाद बुधवार को निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने जिम्मेदार अफसरों को प्रशिक्षित कर्मचारी के जरिए ही जांच करने और लैब में टेस्टिंग के आदेश दिए हैं।

उन्होंने भास्कर की खबर के बाद सभी अफसरों से कहा है कि बाकी पैरामीटर पर भी जांच करें, ताकि कहीं गंदा पानी आ रहा है तो सैंपल लेकर जांच हो सके।

3 जल सुनवाई में क्या हुआ? भोपाल में पहली जल सुनवाई 13 जनवरी, दूसरी 20 जनवरी और तीसरी 27 जनवरी को हुई। इनमें 2585 जगहों से कुल 6519 सैंपल लिए गए। दावा है कि इन सैंपल की जांच 8 लैब में कराई गई। ज्यादातर में पानी को शुद्ध ही बताया गया। दूसरी ओर वार्ड ऑफिस में सैंपलिंग के नाम पर छल ही हो रहा है, क्योंकि 11 में से सिर्फ 1 की क्लोरीन जांच ही की जा रही है।

जबकि भोपाल में 20 से ज्यादा ऐसे इलाके हैं, जहां पर गंदा पानी सप्लाई हो रही है। खानूगांव, आदमपुर छावनी और वाजपेयी नगर के ग्राउंड वॉटर के 4 सैंपल फेल हो चुके हैं। यहां के पानी में ‘ई-कोलाई’ बैक्टीरिया मिला था। बाद में इस पानी के उपयोग पर रोक लगा दी गई थी। यही बैक्टीरिया इंदौर के भागीरथपुरा में मिला था।

गंदा पानी और निगम का साफ झूठ

प्रेम नगर के बुजुर्ग रामचंद्र तिवारी ने बताया कि 8 दिन से गंदा पानी पीने को मजबूर है। नई लाइन अब तक चालू नहीं की है। निगम पुरानी लाइन से ही पानी की सप्लाई कर रहा है। कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। ऐसे तो बीमार हो जाएंगे।

ऐशबाग के सैयद अलमास अली ने बताया कि ऐशबाग, जनता क्वार्टर समेत कई इलाकों में गंदे पानी की सप्लाई की जा रही है। इसे लेकर कई बार निगम को जानकारी दे चुके हैं, लेकिन लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।

यदि वार्ड में पानी की जांच नहीं तो महापौर हेल्पलाइन पर शिकायत करें यदि वार्ड में आपके पानी की जांच नहीं की जा रही है तो महापौर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। महापौर हेल्पलाइन का नंबर-155304 है। इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की जा रही है। ऐसा करने से जिम्मेदारों को तय समय सीमा में जांच करना पड़ेगी और कोई गड़बड़ी नहीं कर सकेंगे।

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