धमतरी की शिक्षिका प्रीति शांडिल्य राज्यपाल के करकमलों से सम्मानित

धमतरी । दिव्यांगजनों के शैक्षणिक सशक्तिकरण एवं समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी पहल के तहत रायपुर स्थित लोक भवन, सिविल लाइन में एक गरिमामय राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़, माननीय  रमेन डेका जी के करकमलों द्वारा दो महत्वपूर्ण ब्रेल पुस्तकों-‘दिव्यांग महिलाओं की सफलता की कहानी’ एवं ‘छत्तीसगढ़ के वीर’ का विधिवत विमोचन किया गया। साथ ही दृष्टिबाधित बच्चों हेतु तैयार की गई 3000 से अधिक ऑडियो बुक्स का भी लोकार्पण किया गया।

 इस कार्यक्रम में धमतरी जिले की समर्पित शिक्षिका श्रीमती प्रीति शांडिल्य को दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट एवं नवाचारी योगदान हेतु राज्यपाल महोदय द्वारा सम्मानित किया गया, जो पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है। प्रीति शांडिल्य द्वारा ब्रेल पुस्तकों के निर्माण एवं ऑडियो बुक्स अभियान में निभाई गई सक्रिय भूमिका ने दृष्टिबाधित बच्चों के लिए शिक्षा के नए द्वार खोले हैं।

 लोकार्पित ऑडियो बुक्स में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के समस्त विषय, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विशेष प्लेलिस्ट, सरगुजिया कहानियां, सामान्य ज्ञान, महिला सशक्तिकरण, दिव्यांगजनों के लिए शासकीय योजनाएं एवं सहायता संसाधनों से संबंधित उपयोगी सामग्री शामिल है। यह समस्त सामग्री “वर्ल्ड ऑडियो बुक” यूट्यूब चैनल पर एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई गई है, जिससे दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को सहज एवं निःशुल्क शैक्षणिक संसाधन प्राप्त हो सकेंगे।

   इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल  रमेन डेका जी ने शिक्षकों द्वारा किए जा रहे इस मानवीय एवं संवेदनशील प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि सामान्य पुस्तकों का ब्रेल एवं ऑडियो रूपांतरण कर दृष्टिबाधित बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना, समावेशी शिक्षा की उत्कृष्ट मिसाल है। उन्होंने कहा कि इस अभिनव पहल को अन्य राज्यों तक भी पहुंचाया जाएगा, ताकि यह राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श मॉडल बन सके।

इस अभियान की प्रेरणा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका के. शारदा (दुर्ग) को वर्ष 2024 में मिले सम्मान के पश्चात मिली। 25 अक्टूबर 2024 से प्रारंभ इस अभियान में उन्होंने स्वयं 800 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कीं। बाद में विभिन्न जिलों के शिक्षकों के सहयोग से यह संख्या बढ़कर 3100 से अधिक हो गई। पूर्व में के. शारदा एवं धमतरी की शिक्षिका प्रीति शांडिल्य द्वारा संयुक्त रूप से तैयार ब्रेल पुस्तकों को छत्तीसगढ़ के 20 ब्रेल विद्यालयों में 100-100 प्रतियां निःशुल्क वितरित की जा चुकी हैं।

कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि जिले की शिक्षिका प्रीति शांडिल्य सहित सभी शिक्षक साथियों द्वारा दिव्यांगजनों के लिए किया जा रहा कार्य अत्यंत सराहनीय, प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल शिक्षा को समावेशी बनाती है, बल्कि समाज में सेवा, संवेदनशीलता एवं सकारात्मक सोच को भी सुदृढ़ करती है।

 इस ऑडियो बुक निर्माण अभियान में कुल 30 शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही। राज्यपाल महोदय ने सभी योगदानकर्ता शिक्षकों को सम्मानित करते हुए इस पहल को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

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