इंदौर की फर्टिलाइजर कंपनी में प्रमोटर भाभी को फर्जी इस्तीफे से निकाला

भोपाल। प्रदेश में कार्पोरेट धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मंत्रालय से लेकर जांच एजेंसियों तक के कान खड़े कर दिए हैं। इंदौर स्थित उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम प्राइवेट लिमिटेड में मालिकाना हक को लेकर मचे इस घमासान में रिश्तों की मर्यादा और कानून की बारीकियां आमने-सामने हैं।आरोप है कि कंपनी की प्रमोटर अंबिका अग्रवाल के फर्जी हस्ताक्षर कर न केवल उन्हें निदेशक पद से हटाया गया, बल्कि उनकी 50 प्रतिशत हिस्सेदारी को घटाकर महज 2.5 प्रतिशत पर समेट दिया गया।

फर्जी इस्तीफा अपलोड किया गया

शिकायत के मुताबिक, यह जालसाजी बेहद शातिर तरीके से अंजाम दी गई। सबसे पहले कार्पोरेट मंत्रालय के पोर्टल पर अंबिका अग्रवाल का फर्जी इस्तीफा अपलोड किया गया। इसके बाद बीते छह वर्षों में कई बोर्ड बैठकें दिखाई गईं, जिनमें प्रमोटर की उपस्थिति के जाली हस्ताक्षर किए गए।

इन बैठकों के जरिए कंपनी के शेयर नए और बाहरी लोगों को अलाट कर दिए गए। परिणाम यह हुआ कि जिस कंपनी की नेटवर्थ आज 50 करोड़ रुपये है, उसकी मुख्य मालिक को ही हाशिए पर धकेल दिया गया।

दिल्ली से ग्वालियर तक जांच की आंच

मामले की गंभीरता को देखते हुए Ministry of Corporate Affairs और Registrar of Companies Gwalior ने इस प्रकरण की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

कंपनी रजिस्ट्रार डा. अंजली पोखरियाल ने पुष्टि की है कि टीम दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विवादों के घेरे में उत्तम आर्गेनिक

धोखाधड़ी की शिकार अंबिका अग्रवाल शिकायत में कहा है कि कंपनी ने केवल शेयरों की हेराफेरी ही नहीं, बल्कि सरकारी भूमि के दुरुपयोग के भी आरोप भी लगाए हैं।

निमरानी स्थित औद्योगिक भूमि पर यह फैक्ट्री संचालित है, जिसे नियम विरुद्ध अन्य कंपनियों को लीज पर देने के कारण खरगोन जिला उद्योग केंद्र ने लीज निरस्त कर दी है। वर्तमान में यह मामला भोपाल मंत्रालय में विचाराधीन है।

इसके अतिरिक्त कंपनी के कर्ताधर्ता और उनके सगे देवर सोनू अग्रवाल पर धोखाधड़ी और नकली घी बनाने जैसे गंभीर प्रकरण भी दर्ज होने का दावा किया है।

पक्ष–विपक्ष

अंबिका अग्रवाल, प्रमोटर, उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम प्रालि. का कहना है कि “मैंने लाखों रुपये निवेश करके यह कंपनी स्थापित की थी, लेकिन कंपनी के सोनू अग्रवाल, राजेश उपाध्याय, हरगोविंद यादव समेत कुछ लोगों ने मिलकर मेरे साथ फर्जीवाड़ा किया है। वर्तमान में बोर्ड मीटिंग्स की सूचना भी मुझे नहीं दी जा रही है और न ही दस्तावेज दिए जा रहे हैं। पूरे मामले की शिकायत की गई।”

सोनू अग्रवाल, प्रमुख, उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम प्रालि. का कहना है कि “अंबिका पटेल हमारी सगी भाभी है। उनसे हमारा वर्ष 2008 से कोई संबंध नहीं है। पूरा मामला झूठा है और परेशान करने के लिए इस प्रकार की शिकायत की जा रही हैं। हमारा पूरा विवाद संपत्ति का है।”

डॉ. अंजलि पोखरियाल, कंपनी रजिस्ट्रार का कहना है कि “उत्तम आर्गेनिक फर्टिकेम प्राइवेट लिमिटेड की शिकायत हमको मिली है। मामले में हमारी टीम जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उस आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।”

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