पाकिस्तान ने किया है एक ही मैच का बॉयकॉट, इसे लेकर क्या कहते हैं ICC के नियम? पढ़ें 5 पॉइंट्स
नई दिल्ली: पाकिस्तान सरकार ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी टीम को भारत के साथ मैच खेलने की इजाजत नहीं दी है। रविवार को पाकिस्तान सरकार की इस घोषणा से क्रिकेट वर्ल्ड हिल गया है, क्योंकि 15 फरवरी को प्रस्तावित भारत-पाक मैच से करीब 250 मिलियन डॉलर का रेवेन्यू आने की संभावना है। पाकिस्तान के इस कदम की इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ( ICC ) ने आलोचना की है, लेकिन अब तक ऑफिशियल एक्शन नहीं लिया है। बताया जा रहा है कि आईसीसी को अभी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से इस बारे में कोई लिखित कम्युनिकेशन नहीं मिला है। लेकिन यह चर्चा हर तरफ शुरू हो गई है कि यदि पाकिस्तान ये मैच नहीं खेलता है तो उस पर कार्रवाई हो सकती है। हर कोई अपने कयास लगा रहा है कि पाकिस्तान पर क्या कार्रवाई की जा सकती है।
1. मैच में नहीं खेलना आईसीसी के साथ एग्रीमेंट का उल्लंघन
किसी टूर्नामेंट के किसी एक खास मैच में नहीं खेलने के खिलाफ आईसीसी के नियमों के तहत सीधा कोई प्रावधान नहीं है। लेकिन आईसीसी ने टीमों के बिना किसी विशेष कारण के मैचों का बॉयकॉट करने से रोकने के लिए कुछ खास कदम उठा रखे हैं। इसमें सबसे पहला है टूर्नामेंट पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट, जिस पर आईसीसी और टूर्नामेंट में भाग लेने वाली हर टीम साइन करती है। पाकिस्तान ने भी आईसीसी के साथ यह एग्रीमेंट साइन कर रखा है, जिसका मतलब है कि उसकी टीम आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के हर मैच में खेलने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है। मैच नहीं खेलने की स्थिति को एग्रीमेंट का उल्लंघन माना जाएगा, जिसके बाद आईसीसी की तरफ से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
2. दूसरी टीम को वॉकओवर देने का नियम
आईसीसी की प्लेइंग कंडीशंस के मुताबिक, यदि कोई टीम किसी मैच के लिए मैदान में उतरने से इंकार करती है तो उसे हारा हुआ माना जाएगा। ऐसी स्थिति में दूसरी टीम को पूरे अंक दिए जाएंगे। हालांकि इसके लिए दूसरी टीम को मैच के लिए मैदान में उतरना होगा। इसका मतलब है कि यदि मैच रेफरी के बुलाने पर भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव टॉस के लिए पिच पर पहुंचेंगे और पाकिस्तानी कप्तान सलमान आगा नदारद रहेंगे तो भारत को पूरे 2 अंक मिल जाएंगे।
3. नेट रनरेट से जुड़ा नियम
आईसीसी प्लेइंग कंडीशंस के तहत किसी टीम के मैदान में नहीं उतरने का असर उसके नेट रनरेट पर भी पड़ता है। क्लॉज 16.10.7 के तहत मैच के लिए मैदान में नहीं उतरने वाली टीम के खाते में पूरे 20 ओवर बिना गेंद फेंके ही गिने जाएंगे और उसका स्कोर 0 ही माना जाएगा। इससे पाकिस्तान के नेट रनरेट पर बेहद बुरा असर पड़ेगा। यदि पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपने बाकी तीन ग्रुप मैच में से एक भी हार गया तो उसके सुपर-8 में पहुंचने का मामला खटाई में पड़ जाएगा।
4. फाइनेंशियल और कॉमर्शियल जुर्माना लगा सकती है आईसीसी
आईसीसी के नियमों के तहत टी20 वर्ल्ड कप में कोई मैच नहीं होने की स्थिति में ब्रॉडकास्टर उसके नुकसान का मुआवजा आईसीसी से मांग सकता है। आईसीसी मैच नहीं होने के लिए जिम्मेदार पीसीबी को यह लीगल क्लेम ट्रांसफर करके उसकी भरपाई करने का निर्देश दे सकती है। ब्रॉडकास्टर को भारत-पाक मैच से करीब 25 से 30 मिलियन डॉलर की एड रेवेन्यू मिलने के आसार थे। यह मुआवजा पीसीबी को भरना पड़ सकता है।
5. आईसीसी संविधान के तहत भी कार्रवाई संभव
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के बजाय मैच में भाग नहीं लेने की घोषणा पाकिस्तान सरकार ने की है। आईसीसी इसे खेल में राजनीतिक हस्तक्षेप घोषित कर सकती है। आईसीसी संविधान के अनुच्छेद 2.4डी के मुताबिक, हर मेंबर बोर्ड को बिना राजनीतिक हस्तक्षेप वाला स्वायत्त निकाय होना अनिवार्य है। ऐसे में यदि आईसीसी इसे राजनीतिक हस्तक्षेप मानती है तो पीसीबी पर बैन लग सकता है। हालांकि पीसीबी और आईसीसी के पूर्व चेयरमैन अहसान मनी ने इस मामले में यह क्लॉज लागू नहीं होने का दावा किया है, क्योंकि भारत भी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में अपनी सरकार का हवाला देकर पाकिस्तान में खेलने से इंकार कर चुका है। लेकिन उस मामले में भारत सरकार ने अपनी टीम को न्यूट्रल वेन्यू पर पाकिस्तान के साथ मल्टीनेशनल टूर्नामेंट में खेलने से नहीं रोका था। ऐसे में पाकिस्तान का ‘सलेक्टिव पार्टिसिपेशन’ का मामला टूर्नामेंट के नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है और उस पर कार्रवाई हो सकती है।
