सरदार सरोवर विस्थापितों को आवंटित भूखंडों की रजिस्ट्री कराने और स्टैंप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति का निर्णय लिया जाएगा

भोपाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज होने वाली राज्य कैबिनेट की बैठक में विकास और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी। बैठक में जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास, वित्त, श्रम, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास समेत कई विभागों के प्रस्ताव रखे जाएंगे।

नर्मदा घाटी विकास विभाग के प्रस्ताव पर सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित भूखंडों की रजिस्ट्री कराए जाने और इसके लिए पंजीयन शुल्क व स्टैंप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति करने का निर्णय लिया जाएगा।

सिंचाई परियोजनाओं को मिलेगी मंजूरी

जल संसाधन विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट में धनवाही सूक्ष्म सिंचाई परियोजना और बड़ी सूक्ष्म उद्भावन सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी जाएगी। इन परियोजनाओं से कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधा को मजबूती मिलेगी।

500 करोड़ से कम की 8 योजनाओं को हरी झंडी

वित्त विभाग के प्रस्ताव पर लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं और परियोजनाओं के परीक्षण व प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया के तहत 500 करोड़ रुपए से कम लागत की 8 योजनाओं को 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि तक मंजूरी देने पर विचार होगा।

संबल 2.0 और विधानसभा क्षेत्र विकास योजना जारी रहेगी

श्रम विभाग के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल 2.0 योजना को निरंतर संचालित रखने की स्वीकृति दी जाएगी। वहीं, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के प्रस्ताव पर विधानसभा क्षेत्र विकास योजना को जारी रखने पर भी मुहर लगेगी।

पशुपालन योजनाएं 2031 तक चलेंगी

पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना को वर्ष 2021 से आगे निरंतर चालू रखने, पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर को ब्लॉक ग्रांट योजना के तहत 2026 से 2031 तक सहायता देने, पशुपालन-पशु विकास और गौ संवर्धन की योजनाओं को 2031 तक संचालित रखने पर निर्णय लिया जाएगा।

महिलाओं और किशोरियों के लिए अहम फैसले

महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रस्ताव पर किशोर कल्याण निधि योजना को 100 प्रतिशत राज्य मद से जारी रखने, घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए सहायता योजना और उसके क्रियान्वयन को मंजूरी दी जाएगी।

समाज कल्याण बोर्ड और रोजगार योजनाएं

कैबिनेट में मध्यप्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों के वेतन भुगतान एवं संविलियन को लेकर न्यायालय के आदेश पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक रोजगार उद्यम योजना को निरंतर चालू रखने पर भी मंजूरी दी जाएगी।

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