जीनत अमान ने दिखाया बॉलीवुड का डार्क साइड, धर्मेंद्र को छेड़ने वाले वीडियो पर कहा- मैं भी इसका हिस्सा रही
गुजरे जमाने की मशहूर एक्ट्रेस जीनत अमान इन दिनों सोशल मीडिया पर अक्सर फैन्स से रूबरू होती हैं। वो अपनी पुरानी फिल्मों के सीन, किस्से-कहानियां अपने फैन्स और नए जमाने के दर्शकों से सोशल मीडिया पर शेयर किया करती हैं। जीनत फैंस से हिंदी सिनेमा में आए बदलावों पर भी बात किया करती हैं। ऐसा ही एक किस्सा उन्होंने अब सोशल मीडिया पर शेयर किया जिसमें धर्मेंद्र के साथ अपनी फिल्म का वीडियो क्लिप शेयर किया है।
जीनत ने इंस्टाग्राम पर 1970 के दशक की फिल्म ‘तीसरी आंख’ का एक खास सीन पोस्ट किया, जिसमें उनका किरदार बरखा काफी आक्रामक और शरारती अंदाज में धर्मेंद्र के किरदार अशोक का पीछा करती दिखती है।
जीनत अमान ने शेयर किया धर्मेंद्र के साथ वीडियो
एक्ट्रेस ने पोस्ट कर लिखा, ‘पुरानी फिल्मों में सीन दोबारा देखना हमेशा एक अनोखा और मजेदार अनुभव होता है। कभी पता नहीं चलता है कि कौन सा सीन दिल को छू लेगा या फिर सोचने पर मजबूर कर देगा।’
‘दो सालों में हिंदी सिनेमा में हीरोइनों की भूमिका इतनी तेजी से बदल गई?’
एक्ट्रेस ने आगे लिखा, ‘कुछ हफ्ते पहले आपने फिल्म दोस्ताना के एक क्लिप में अमिताभ बच्चन का किरदार इंस्पेक्टर विजय को मुझे छेड़ते देखा। अब इस वीक तीसरी आंख के सीन में आप देखेंगे कि धरम जी को मैं छेड़ रही हूं।’ इसी के साथ जीनत ने सवाल किया है कि क्या सिर्फ दो सालों में हिंदी सिनेमा में हीरोइनों की भूमिका इतनी तेजी से बदल गई?
अशोक भोला-भाला और दबाव में रहने वाला किरदार
उन्होंने लिखा, ‘क्या वाकई उन दो फिल्मों के बीच बीते दो सालों में हिंदी सिनेमा की हीरोइनों के लिए हालात इतने बदल गए? यह कहना मुश्किल है, लेकिन मुझे लगता है कि यह सीन आम धारणा को एक दिलचस्प मोड़ देता है। यहां धरमजी का अशोक भोला-भाला और दबाव में रहने वाला है, जबकि मेरा किरदार बरखा चंचल और एकदम बेबाक है। वह अग्रेसिव होकर उसका पीछा करती है, जबकि एक्टर का किरदार को वो पसंद नहीं और चिड़चिड़ा दिखता है।’
इंस्पेक्टर विजय के नजरिए का सपोर्ट नहीं कर सकती थी
उन्होंने आगे कहा है, ‘मुझे लगता है कि इस दृश्य मजेदार होने और किसी को गुस्सा दिलाने की वजह से ट्रडिशनल रोल से उलट है। सच तो ये है कि मैं बरखा के अप्रोच को सपोर्ट नहीं कर सकती, ठीक वैसे ही जैसे मैं इंस्पेक्टर विजय के नजरिए का सपोर्ट नहीं कर सकती थी। हंसी-मजाक और शरारत प्यार के बेहतरीन तरीके हैं लेकिन मुझे लगता है कि हमारी फिल्म इंडस्ट्री ने कभी-कभी इन्हें हद से ज्यादा बढ़ा दिया।’
‘मैंने इस बेतुकी धारणा को बढ़ावा देने में भूमिका निभाई’
उन्होंने कहा, ‘हमारी कई फिल्में सच्चे और रियल लव को पेश करने की बजाय जुनून और दीवानगी को दिखाती है। मैं ये भी मानती हूं कि मैंने भी बॉलीवुड द्वारा भारतीयों में फैलाई गई रोमांस की इस बेतुकी धारणा को बढ़ावा देने में भूमिका निभाई है। इसलिए यह मेरी एक छोटी सी कोशिश है। मैं क्लियर कर देना चाहती हूं कि रिश्तों में सहमति जरूरी है और सम्मान दोनों तरफ से होना चाहिए। यकीन मानिए, मैंने यह बात बहुत मुश्किल से सीखी है।’
‘इसमें मेरे प्यारे को-स्टार धरम जी हैं’
जीनत अमान ने आखिर में कहा, ‘इस सीन पर आपके कॉमेंट्स का बेसब्री से इंतजार है। मुझे इसे पाकर बहुत खुशी हुई, खासकर इसलिए क्योंकि इसमें मेरे प्यारे को-स्टार धरम जी हैं, जिनके साथ मेरी सिर्फ प्यारी यादें हैं।’
