दूषित जल और कफ सीरप से मौतों के मामले में स्थगन प्रस्ताव लाएगी कांग्रेस
भोपाल। भले ही 16 फरवरी से प्रारंभ हो रहा विधानसभा का बजट सत्र 12 दिन का है, लेकिन कांग्रेस इसमें भाजपा को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। इस बार परंपरागत कानून व्यवस्था, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग पर अत्याचार, भ्रष्टाचार जैसे विषयों से इतर आमजन से सीधे सरोकार रखने वाले विषयों को प्रभावी तरीके से उठाने की तैयारी है।
पहली बार कांग्रेस एकजुटता के साथ इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से 32 मौतों को लेकर सड़क पर है। लगातार धरना, प्रदर्शन, आंदोलन हो रहे। अब इस मुद्दे को कांग्रेस विधायक दल विधानसभा में उठाएगा। इसी तरह जहरीले कफ सीरप से छिंदवाड़ा बैतूल और पांढुर्णा में 25 बच्चों की मौत पर जवाब मांगा जाएगा। इन दोनों विषयों पर स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी है। उधर, पार्टी विधानसभा का घेराव भी कर सकती है
कांग्रेस विधायक दल पर सबकी नजर रहेगी
जहरीले कफ सीरप के मामले में चूकने के बाद कांग्रेस ने दूषित जल के मुद्दे पर सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाई है। पार्टी घर-घर से जुड़े इस मामले को पूरे प्रदेश तक ले जाने में सफल रही। अब दारोमदार विधायक दल के ऊपर है कि वह सदन में किस तरह सरकार के ऊपर दबाव बना पाता है। चूंकि, निशाने पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय हैं इसलिए सबकी नजर भी कांग्रेस विधायक दल पर रहेगी।
वहीं, जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सीरप का मामला भी गंभीर है। अब तक छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुर्णा में 25 बच्चों की मौत हो चुकी है। सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर असभ्य बयान देने वाले मंत्री विजय शाह के विरुद्ध अब तक सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है, इसलिए यह भी भाजपा सरकार का बड़ा मुद्दा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि विधायक दल की ओर से स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा कराने का दबाव सरकार पर बनाया जाएगा।
स्थगन प्रस्ताव की ग्राह्यता पर संशय
सूत्रों का कहना है कि बजट सत्र में सामान्यत: स्थगन प्रस्ताव नहीं लिए जाते हैं, इसलिए यह स्वीकार हो या इनकी ग्राह्यता पर चर्चा हो, इसको लेकर संशय है। हालांकि, चर्चा कराने के और भी माध्यम हैं। अब यह कांग्रेस विधायक दल के ऊपर निर्भर करेगा कि वह सरकार पर किस हद तक चर्चा कराने के लिए दबाव बना पाता है।
