‘अरिजीत सिंह के अंदर कुछ तो टूट गया होगा’, सिंगर के प्लेबैक सिंगिंग को अलविदा कहने पर बोले लकी अली
म्यूजिशियन लकी अली ने अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने के फैसले पर अपना विचार शेयर किया। उन्होंने कहा कि ये कदम उन्होंने पर्सनल वजहों से उठाया है। लकी ने कहा कि अरिजीत के भीतर कुछ न कुछ ऐसा जरूर हुआ होगा जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। हालांकि उन्होंने उनके इस फैसले का पूरी तरह से सपोर्ट भी किया।
लकी अली ने करियर के चरम पर पहुंचने के बाद प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने वाले सिंगर अरिजीत सिंह को सपोर्ट किया और कहा कि उनके साथ कुछ न कुछ ऐसा हुआ है, जिसकी वजह से उन्हें ये फैसला लेना पड़ा है। खुद भी बॉलीवुड से अलग राह चुनने वाले अली ने कहा कि वह अरिजीत के इस फैसले का पूरी तरह से समर्थन करते हैं कि वह म्यूजिक इंडस्ट्री की पाबंदियों से बाहर निकलकर कुछ करें।
‘जरूर अरिजीत के अंदर कुछ टूट गया होगा’
अली ने ‘पीटीआई-भाषा’ से हुई बातचीत में कहा, ‘आपको म्यूजिशियन की जगह खुद को रखकर यह समझना होगा कि वह सच में क्या महसूस कर रहा है। अगर उन्होंने इस दिशा में कदम उठाया है तो जरूर उसके अंदर कुछ टूट गया होगा। मैं पूरी तरह से अरिजीत के फैसले से सहमत हूं।’ उन्होंने कहा, ‘वह निश्चित रूप से गाएंगे और खुद को व्यक्त करेंगे लेकिन वह पहले जैसी परिस्थितियों में ऐसा नहीं करेंगे। आपको अपनी खुद की राह तय करनी होगी, जैसे हमने की। हमने अपनी खुद की राह बनाई।’
अरिजीत ने पोस्ट करके कहा- अलविदा
बता दें कि अरिजीत ने पिछले महीने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिये संन्यास लेने की घोषणा करके अपने फैन्स को हैरान कर दिया। उन्होंने 27 जनवरी को एक पोस्ट में लिखा, ‘नमस्ते, आप सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं। इतने वर्षों तक ऑडियंस के रूप में मुझे इतना प्यार देने के लिए मैं आप सभी का धन्यवाद करना चाहता हूं। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मैं अब प्लेबैक सिंगिंग से विदा ले रहा हूं। मैं इसे अलविदा कह रहा हूं। यह सफर शानदार रहा।’
‘अब हम किसी भी फिल्म या म्यूजिक कंपनी या किसी और पर डिपेंड नहीं’
आपको बताना चाहेंगे कि ‘ओ सनम, ‘एक पल का जीना’ और ‘ना तुम जानो ना हम’ जैसे हिट गानों के लिए मशहूर अली की रोमांस पर आधारित खुद की नई एल्बम ‘तू जाने है कहां’ रिलीज हुई है। इस गीत को कौसर मुनीर ने लिखा है और इसे टिप्स म्यूजिक बैनर के तहत रिलीज किया गया है। उन्होंने कहा, ‘अब हम किसी भी फिल्म या म्यूजिक कंपनी या किसी और पर डिपेंड नहीं हैं, हम खुद ही कंपनी हैं। इसलिए, मूल रूप से यह खुद को अभिव्यक्त करने और समान सोच वाले लोगों के साथ काम करने की बहुत बड़ी आज़ादी है।’
‘हर नए कलाकार को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है’
अरिजीत सिंह के संन्यास के बाद काफी अटकलें लगाई जा रही हैं कि आखिर उन्हें यह फैसला लेने के लिए किस बात ने मजबूर किया। अपनी खुद की यात्रा के बारे में बताते हुए अली ने कहा कि हर नए कलाकार को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
‘आपको कुछ भी प्लेट में रखकर नहीं परोसा जाता’
उन्होंने कहा, ‘आपको कुछ भी प्लेट में रखकर नहीं परोसा जाता। आपको अपनी बात को सबसे अच्छे तरीके से पेश करना होता है और अपने किए हुए काम के प्रति खुद पर विश्वास करना होता है। एक बार जब आप ऐसा कर लेते हैं और उस बाधा को पार कर लेते हैं, तो चीजें थोड़ी आसान हो जाती हैं। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि रास्ता आसान है। बस आगे बढ़ना और फिर उस संदर्भ में और मेहनत करना आसान हो जाता है।’
‘जिंदगी का मतलब ये नहीं है कि यह आसान हो’
उन्होंने कहा, ‘जिंदगी का मतलब ये नहीं है कि यह आसान हो। आसान जिंदगी हमेशा अच्छी नहीं होती। इसमें ड्रामा होना चाहिए, संघर्ष होना चाहिए, बहुत सारी चीजें होनी चाहिए और ये सब आपके काम में भी झलकते हैं। मेरे मामले में, शायद यही वजह है कि मेरे किए हुए कई कामों में यह दिखाई दिया है।’
‘फिल्म इंडस्ट्री में बहुत बदतमीजी है और उन्हें वहां घुटन महसूस होने लगी’
यहां याद दिला दें कि लकी अली ने भी मौजूदा इंडस्ट्री की कार्यशैली, रचनात्मक कमी और बदतमीजी से ऊबकर बॉलीवुड में फिल्मों के लिए गाना छोड़ दिया था। सिंगर का मानना था कि आधुनिक फिल्में प्रेरणादायक नहीं हैं और वे समाज में हिंसा व लालच बढ़ा रही हैं। उन्होंने भी अपनी पसंद के म्यूजिक बनाने और रचनात्मक स्वतंत्रता के लिए इंडस्ट्री से दूरी बनाई। लकी अली ने कहा था- फिल्म इंडस्ट्री में बहुत बदतमीजी है और उन्हें वहां घुटन महसूस होने लगी थी। अपने पिता महमूद के निधन के बाद भी उन्होंने इंडस्ट्री से दूरी बना ली थी। दरअसल उन्हें लगने लगा था कि अब वहां कुछ खास नहीं बचा है।
अभी भी फिल्म में संगीत के लिए रॉयल्टी नहीं मिलती
देश के पहले ‘इंडियन आइडल’ विनर अभिजीत सावंत चौंकाने वाली बातें बताई। सिंगर ने अपने एक हालिया इंटरव्यू में कहा कि इंडस्ट्री में अक्सर गायकों पर दबाव डाला जाता है कि वह मुफ्त में गाना गाएं। ‘पेंटाराइज स्टूडियोज’ से बातचती में उन्होंने गाने के लिए मिलने वाली फीस पर बात की और कहा, ‘लोग नहीं चाहते कि सिंगर्स किसी फिल्म से बड़े बन जाएं। इसलिए उन्हें एक तय रकम दी जाती है। म्यूजिशियन्स को अभी भी फिल्म में संगीत के लिए रॉयल्टी नहीं मिलती है।’
