‘घूसखोर पंडित’ पर अब राजनीतिक तकरार! मायावती ने बोला हमला, देश में अनादर-अपमान की कही बात

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडित’ के टाइटल ने हलचल मचा दी है। ‘घूसखोर पंडित’ वेब सीरीज को लेकर प्रदेश में माहौल गरमाया हुआ है। एक तरफ सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस वेब सीरीज के निर्देशक और टीम के खिलाफ हजरतगंज थाने में केस दर्ज कराया गया है। वहीं, वेब सीरीज विवाद में बहुजन समाज पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी एंट्री मारी है। उन्होंने इस पूरे मसले को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। बसपा सुप्रीमो ने पंडित को घुसपैठिया बताए जाने की बात करते हुए पूरे मामले में जबर्दस्त हमला बोला है। उन्होंने ब्राह्मण समाज की देश में अपमान और अनदर किए जाने की बात कही है।

मायावती ने क्या कहा?

मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर किए गए पोस्ट में कहा है कि यह बड़े दुख और चिंता की बात है कि पिछले कुछ समय से अकेले यूपी में ही नहीं, बल्कि अब तो फिल्मों में भी ‘पंडित’ को घुसपैठिया बताकर पूरे देश में इनका अपमान और अनादर किया जा रहा है। इससे समूचे ब्राह्मण समाज में इस समय जबरदस्त रोष व्याप्त है। बसपा प्रमुख ने कहा कि इसकी हमारी पार्टी भी इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है। उन्होंने कहा कि बीएसपी की इस मामले में यह मांग है कि ऐसी इस जातिसूचक फिल्म पर केंद्र सरकार को तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहिए।

क्यों गरमा रहा विवाद?

दरअसल, ‘घूसखोर पंडित’ वेब सीरीज के टाइटल का यह पूरा विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति को प्रभावित कर रहा है। प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश लगातार चल रही है। प्रदेश में पिछले दिनों ब्राह्मणों की नाराजगी का मुद्दा लगभग तमाम विपक्षी दलों की ओर से उठाया जाता दिखा है। ब्राह्मण वर्ग की अनदेखी का मुद्दा समाजवादी पार्टी से लेकर बहुजन समाज पार्टी तक उठती रही है।हालांकि, ब्राह्मण समाज भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में 2024 के लोकसभा चुनाव में भी एकजुट दिखा था। इसके बाद फिर विवाद को गरमाने की कोशिश चल रही है। पिछले दिनों विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान ब्राह्मण विधायकों की एक बैठक हुई। इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने सवाल खड़ा किया। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ब्रह्म विधायकों को नसीहत देते दिखे। इसके बाद भी मायावती ने उसे मुद्दे पर बयान दिया था। उन्होंने इस प्रकार के जुटान को राजनीतिक रूप न दिए जाने की बात कही थी।

चुनावी समीकरण साधने की कोशिश

मायावती 2027 के लिए चुनावी समीकरण साधने की कोशिश में जुटी हुई है। इस क्रम में उन्होंने ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की कोशिश शुरू कर दी है। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में मायावती ने पिछड़ा-दलित-मुस्लिम वोट बैंक के साथ ब्राह्मणों को जोड़कर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। अब एक बार फिर ब्राह्मण वोटरों को साधने की कोशिश में मायावती जुटी दिख रही हैं।

लखनऊ में केस दर्ज

वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडित’ के निर्देशक और टीम के खिलाफ हजरतगंज पुलिस स्टेशन में सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने और धार्मिक और जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। मामले में लखनऊ कमिश्नरेट का कहना है कि जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी के तहत, किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने या शांति और व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम योगी इस मामले में एक्शन की बात करते दिखे थे।

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