मप्र में निगम-मंडलों में नियुक्तियों का काउंटडाउन शुरू, दिल्ली में दिग्गज नेताओं के बीच नामों पर मंथन पूरा
भोपाल। मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार बने दो साल हो चुके हैं। लंबे समय से निगम, मंडल, प्राधिकरण और आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियों की बात उठ रही है। इसकी कवायद अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बुधवार-गुरुवार को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल के साथ चर्चा की। इसमें प्रस्तावितों के नामों पर विचार किया गया। अब सूची को अंतिम रूप देकर जल्द ही सूची जारी की जाएगी।
राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर संगठन पर दबाव
विधानसभा चुनाव-2023 के बाद से ही निगम-मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर संगठन पर दबाव है। पहले तो लोकसभा चुनाव के बाद राजनीतिक नियुक्तियां करने की योजना थी लेकिन भाजपा के संगठन चुनाव फिर प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में विलंब के कारण मामला टलता रहा। बिहार चुनाव के बाद राजनीतिक नियुक्तियों का मामला आगे बढ़ा लेकिन फिर भी कोई निर्णय नहीं हो पाया।
बुधवार और गुरुवार को दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा हुई। इसमें सभी पहलूओं पर विचार कर तय किया गया कि क्षेत्रीय और अन्य समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नियुक्तियां की जाएंगी। इसमें कुछ पूर्व विधायकों को भी समायोजित किया जा सकता है।
वहीं, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने नई दिल्ली में केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके के आवास पर मध्य प्रदेश के लोकसभा एवं राज्य सभा सदस्यों के साथ संवाद किया। इसमें पार्टी के आगामी कार्यक्रमों और संसदीय क्षेत्रवार विकास के रोडमैप को लेकर भी चर्चा हुई।
निगम-मंडल में 30 से 35 नामों की सूची निकाली जाएगी एक साथ
भाजपा ने राजनीतिक नियुक्तियों की अपनी रणनीति में बदलाव किया है। पार्टी पहले कई किस्तों में राजनीतिक नियुक्तियां करना चाहती थी लेकिन केंद्रीय नेतृत्व से मिले निर्देश के बाद सभी दर्जा प्राप्त मंत्रियों की दो दर्जन से अधिक नामों की सूची एक साथ निकाली जाएगी। इससे पहले पार्टी की तैयारी थी कि प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरण और क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण जैसे विंध्य, बुंदेलखंड, महाकोशल विकास प्राधिकरणों में अध्यक्ष-उपाध्यक्षों की नियुक्ति पहली किस्त में कर दी जाए।
भोज पर शामिल नहीं हो सके चार सांसद
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भोपाल में होने के कारण भोज में शामिल नहीं हो सके। इसी तरह शिवराज सिंह चौहान की बैठक, सावित्री ठाकुर असम और विवेक बंटी साहू के बंगाल में होने के कारण वे भी भोज में शामिल नहीं हो सके।
