पुलिस की तर्ज पर जेल विभाग में भी होगी ‘बाल आरक्षकों’ की भर्ती, मुख्यालय ने शासन को भेजा प्रस्ताव

भोपाल। अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में जेल विभाग में अब बाल आरक्षकों की भर्ती करने की तैयारी है। इसके लिए जेल मुख्यालय ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद यह नियम प्रभावी होगा।

किनको मिलेगा लाभ

इसका लाभ जेल विभाग में पदस्थ कर्मचारियों (महिला या पुरुष) के उन बच्चों को मिलेगा जिनके अभिभावक का सेवा के दौरान निधन हो गया है और जीवन साथी सेवा के लिए योग्य नहीं होता या किसी परिस्थिति के कारण करना नहीं चाहता। बच्चे छोटे होने के कारण सेवा के लिए पात्र नहीं होते, जिससे परिवार के सामने मुश्किल आ जाती है।अभी तक पुलिस में बाल आरक्षकों की भर्ती का नियम तो है, पर जेल विभाग में ऐसी व्यवस्था नहीं है। जबकि, दोनों विभाग में बल की कार्यप्रणाली और भर्ती नियम लगभग एक जैसे हैं।

बाल आरक्षकों को बालिग होने तक मानदेय दिया जाता है

बता दें कि बाल आरक्षकों को बालिग होने तक मानदेय दिया जाता है। इस दौरान उनकी पढ़ाई भी जारी रहती है। उन्हें निर्धारित अवधि के लिए कार्यालय आना पड़ता है। यह दो से तीन घंटे की हो सकती है। विशेष परिस्थिति में इससे भी छूट दी जाती है। 18 वर्ष की उम्र पूरी होने पर आरक्षक बना दिया जाता है।

लंबे समय तक मांग

जेल विभाग के प्रहरी व अन्य कर्मचारी लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि पुलिस की तरह जेल विभाग में भी बाल आरक्षकों की नियुक्ति की जाए। डीजी जेल वरुण कपूर ने बताया कि शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। यह व्यवस्था प्रभावी होने पर कई परिवारों को बड़ी राहत मिल जाएगी।

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