बिहार में रेंट एग्रीमेंट कराना होगा सस्ता, 50 फीसदी तक फीस घटाने की तैयारी, जानिए डिटेल
पटना: अगर आप बिहार में किराए पर दुकान या मकान लेने की सोच रहे हैं और रेंट एग्रीमेंट पर होने वाले खर्चे की चिंता कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए राहत भरी हो सकती है। दरअसल बिहार सरकार रेंट एग्रीमेंट और लीज के एग्रीमेंट फीस में 50 फीसदी तक कटौती करने वाली है। इसके लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने एक स्पेशल कमेटी का गठन भी कर दिया है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल…
पटना में कितने हैं किराएदार?
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी पटना में होल्डिंग टैक्स देने वाले करीब 3 लाख 10 हजार रजिस्टर्ड घर हैं। इनमें नगर निगम के मुताबिक, 10 लाख से अधिक किराएदार (घरेलू और व्यावसायिक) रहते हैं। कानूनी रूप से इन सभी को रेंट एग्रीमेंट की कराना चाहिए, लेकिन फिलहाल सालाना औसतन केवल 5 हजार एग्रीमेंट ही रजिस्टर्ड हो रहे हैं। विभाग का लक्ष्य इस संख्या को लाखों तक पहुंचाना है। वर्तमान में राज्य के 114 रजिस्ट्रेशन कार्यालयों में से केवल पटना और दानापुर में ही इसका कुछ प्रचलन है, बाकी जिलों में यह न के बराबर है।
नोटरी एग्रीमेंट की कानूनी मान्यता नहीं
पटना कोर्ट के अधिवक्ता अनिल कुमार उद्योगी के अनुसार, नोटरी एक्ट में रेंट या लीज एग्रीमेंट का कोई प्रावधान नहीं है। विवाद की स्थिति में नोटरी द्वारा कराया गया एग्रीमेंट अदालत में वैध दस्तावेज नहीं माना जाता है। केवल निबंधन कार्यालय (रजिस्ट्री ऑफिस) से कराया गया एग्रीमेंट ही कानूनी मान्यता रखता है और न्यायिक फैसले इसी की शर्तों के आधार पर होते हैं।
ऐसे समझे रेंट एग्रीमेंट पर होने वाले खर्च का गणित!
प्रस्तावित बदलावों के बाद रेंट एग्रीमेंट पर होने वाला खर्च काफी कम हो जाएगा। उदाहरण के तौर पर समझने के लिए अब तक 10 साल के कुल किराए 10 लाख रुपये है, तो 5 हजार स्टांप ड्यूटी और 20 हजार रजिस्ट्रेशन फीस यानी कुल मिलाकर 25 हजार रुपये खर्च होते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब 10 लाख के कुल किराए पर स्टांप ड्यूटी तो पहले की ही तरह 5 हजार लगेगी, लेकिन रजिस्ट्रेशन फीस आधी हो जाएगी। यानी जो आप पहले 20 हजार देते थे, उसकी जगह मात्र 10 हजार रुपये देने होंगे।
