भारत के साथ कैसे रिश्ते रखेगी बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार? BNP नेता ने दिया ये जवाब
ढाका: बांग्लादेश चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (BNP) प्रचंड बहुमत के साथ वापसी कर रही है। इसके साथ ही पार्टी चेयरमैन तारिक रहमान का देश का अगला प्रधानमंत्री बनना लगभग तय है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को चुनाव में बड़ी जीत के लिए बधाई है। तारिक रहमान ऐसे समय में बाग्लादेश की बांग्लादेश संभालने जा रहे हैं, जब ढाका और नई दिल्ली के रिश्ते निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। शेख हसीना के जाने के बाद आई यूनुस सरकार ने भारत के बजाय पाकिस्तान से नजदीकी बढ़ाई। ऐसे में अब बीएनपी के नेतृत्व में बांग्लादेश और भारत के रिश्ते कैसे होंगे इस पर सभी की नजर है।
इस बीच बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी की वरिष्ठ नेता अमीर खसरू महमूद चौधरी ने कहा है कि सरकार में आने पर BNP की प्राथमिकता देश की संस्थाओं को फिर से ठीक करने पर होगी। बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में बर्बाद हुए सभी लोकतांत्रिक और वित्तीय संस्थानों को वापस ठीक करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को सबसे पहले स्थिरता और शांति की जरूरत है।
भारत के साथ कैसे रखेगी BNP सरकार?
चौधरी से पूछा गया कि बांग्लादेश की नई सरकार भारत के साथ कैसे रिश्ते रखना चाहती है। उन्होंने किसी खास देश का नाम लेने से इनकार किया लेकिन कहा कि ‘किसी भी देश के साथ हमारा रिश्ता आपसी सम्मान, आपसी हित और दखल न देने की स्ट्रेटिजक ऑटोनॉमी पर आधारित होगा।’ चौधरी ने तारिक रहमान के बांग्लादेश फर्स्ट वाले नजरिए पर आगे बढ़ने का संकेत दिया और कहा कि ‘देश केंद्रित पॉलिसी न होने को पिछली सरकार के लिए समस्या रही है।’
पीएम मोदी ने जनादेश को मान्यता दी- BNP नेता
WION के एक सवाल के जवाब में बीएनपी की स्टैंडिंग कमेटी के नजरुल इस्लाम खान ने कहा कि ‘पीएम मोदी ने लोगों के फैसले मान्यता दी है।’ वे तारिक रहमान की जीत पर पीएम मोदी के बधाई संदेश के संबंध में बोल रहे थे। बांग्लादेश के चुनाव नतीजों पर भारत ने करीबी नजर बनाए रखी है। खासतौर पर जब शेख हसीना के जाने के बाद बांग्लादेश और पाकिस्तान के रिश्ते फिर से बन रहे हैं।
पाकिस्तान से बांग्लादेश की नजदीकी
पाकिस्तान और बांग्लादेश की दोस्ती भारत के लिए चिंता का विषय है। बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी का रुख हसीना की अवामी लीग की तुलना में पाकिस्तान को लेकर नरम रखा है। इसने अपने पिछले कार्यकाल में पाकिस्तान के साथ रिश्ते बनाए रखे हैं। हालांकि, बीएनपी को पता है कि वह भारत को नजरअंदाज नहीं कर सकती है, जो उसका मुख्या ट्रेडिंग पार्टनर है और बांग्लादेश सबसे बड़ा बॉर्डर साझा करता है। BNP ने कहा है कि वे सभी पड़ोसी देशों के साथ दोस्ताना और अच्छे रिश्ते चाहते हैं, लेकिन सच यह है कि उन्हें दिल्ली और इस्लामाबाद के साथ रिश्तों में संतुलन साधने के लिए एक मुश्किल कूटनीतिक राह पर चलना होगा।
