पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक से बदला मौसम का मिजाज, एमपी में पारा 33 डिग्री के पार

भोपाल: पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर साफ दिखाई देने लगा है । मध्य प्रदेश के ग्वालियर संभाग में शुक्रवार को बादलों की आवाजाही रही, जबकि राजधानी भोपाल समेत पश्चिमी जिलों में धूप-छांव का सिलसिला चलता रहा।

मौसम केंद्र के अनुसार प्रदेश का मौसम फिलहाल शुष्क है, लेकिन पश्चिमी हिस्सों में अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की गई । सबसे अधिक तापमान खंडवा में 33.5 और खरगोन में 33.4 डिग्री सेल्सियस रहा। इंदौर, रतलाम, धार, उज्जैन और नर्मदापुरम में भी पारा 31 डिग्री से ऊपर पहुंच गया।

मौसम विज्ञानी ने बताया कि 16 फरवरी से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक वृद्धि हो सकती है । प्रदेश में अगले 24 घंटे के दौरान मौसम शुष्क रहने के आसार हैं, जबकि भोपाल में सुबह हल्की धुंध छाने की संभावना जताई गई है।

सेहत पर पड़ रहा बदलते मौसम का असर

मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। दिन में तेज धूप और गर्मी बढ़ी जबकि रात में ठंडक के कारण शरीर का संतुलन बिगड़ रहा है। इसका सीधा असर वायरल फीवर के रूप में सामने आ रहा है।

डॉक्टरों का कहना है कि इस समय मौसम का उतार-चढ़ाव संक्रमण के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। दिन में पसीना और रात में ठंडी हवा चलने से लोग जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। खासतौर पर वे लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, जो देर रात तक बाहर रहते हैं या ठंड-गर्मी के बीच लापरवाही बरतते हैं। डॉक्टरों के अनुसार कई लोग हल्का बुखार या सर्दी होने के बाद भी इसे नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो रही है। संक्रमण परिवार के अन्य लोगों तक भी फैल रहा है।

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