‘जब तक हटेगी नहीं, शिकायत रुकेगी नहीं’, भोपाल में शराब दुकान हटाने की मांग पर अड़ी जनता, कलेक्टर से की न्याय की गुहार

भोपाल। एक शराब दुकान को रहवासी क्षेत्र से हटवाने के लिए लोगों ने 350 दिन में 50 बार शिकायत की, लेकिन दुकान हटाई नहीं जा सकी है। हालांकि दुकान को नए वित्तीय वर्ष में हटाने का आश्वासन जरूर मिला है, लेकिन लोगों का कहना है कि जब तक दुकान हट नहीं जाती है, तब तक वह शांतिपूर्ण तरीके से शिकायत दर्ज करवाते रहेंगे।

इसी तरह एक कालोनाइजर ने पीड़ित से रुपये लेने के बाद भी नामांतरण नहीं करवाया, जबकि उसने अपनी जिंदगीभर की कमाई प्लाट खरीदने में निवेश कर दी है।

कलेक्टर जनसुनवाई में उमड़े 114 आवेदक

यह मामले कलेक्टर जनसुनवाई में मंगलवार को पहुंचे, जिनमें अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान जिलेभर से पहुंचे करीब 114 आवेदकों ने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज करवाते हुए न्याय की गुहार लगाई है, जिनकी समस्याएं कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, एडीएम सहित अन्य अधिकारियों ने सुनीं और संबंधित अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए हैं।

विजय नगर साईंराम कॉलोनी, बाबू कॉलोनी, शंकर नगर, सेमरा के रहवासियों ने 50वीं जनसुनवाई में शिकायत करते हुए बताया कि शराब दुकान आवंटन से पहले 14 मई 2024, 19 दिसंबर 2024 व 17 फरवरी 2025 को आवेदन देकर सीएम हेल्पलाइन व सभी विभागों में शिकायतों के माध्यम से शराब दुकान (चांदबड़) को विजय नगर, सांईराम कालोनी से हटाने के लिए शासन-प्रशासन आबकारी विभाग में हमारी आपत्ति दर्ज करवा चुके हैं।

अप्रैल 2026 तक जारी रहेगा विरोध

इसके बाद 13 जनवरी को शासन-प्रशासन व आबकारी विभाग द्वारा लिखित व मौखिक रूप से विवादित शराब दुकान को वर्ष 2026-27 का नवीन आवंटन रद्द करने या विजय नगर सांईराम कॉलोनी से स्थानांतरित करने का निर्णय लिए है।

इसके बाद भी आवेदन के माध्यम से अप्रैल 2026 तक विवादित शराब दुकान पूरी तरह हट न जाए, तब तक शिकायत करना जारी रहेगा। मामले की जांच आबकारी विभाग को सौंपी गई है। जनसुनवाई में समस्याएं सुनते कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह।

धोखाधड़ी के शिकार पीड़ित किराये के मकान में रहने को मजबूर

शिकायतकर्ता शिवराज वर्मा ने बताया कि परिचित सोमेश देवलिया द्वारा पलासी करोंद के पास राधाकृष्ण कुंज में एक प्लाट दिखाया और कालोनाइजर से संपर्क करवाया। इससे विक्रेता राजेंद्र सिंह मीणा द्वारा वर्ष 2023 में रजिस्ट्री करवाई और 14 लाख रुपये में सौदा तय हुआ, जिसमें से 10 लाख 80 हजार रुपये फाइनेंस करवाए थे बाकी राशि चेक व ऑनलाइन भुगतान की थी। दो साल बीत जाने के बाद भी नामांतरण नहीं करवाया है।

राशन दुकान पर कालाबाजारी व धोखाधड़ी का आरोप

जनता नगर करोंद के रहने वाले पंकज पंथी ने शिकायत करते हुए बताया कि वह कमल उपभोक्ता भंडार से संचालक द्वारा हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में कम राशन दिया गया, जब मैंने भ्रष्टाचार का विरोध किया तो मेरे साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

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