उम्मीदों पर फिरा पानी, दो महीने में ही ट्रैक पर ‘खाली’ दौड़ रही मेट्रो ट्रेन, सूने पड़े स्टेशन

भोपाल: राजधानी में आधुनिक परिवहन व्यवस्था के सपने के साथ शुरू हुई भोपाल मेट्रो दो महीनों के भीतर ही यात्रियों की कमी से जूझती नजर आ रही है। भोपाल मेट्रो 21 दिसंबर 2025 को बड़े आयोजन के साथ आम जनता के लिए सेवा शुरू की गई थी। पहले ही दिन करीब सात हजार यात्रियों ने मेट्रो में सफर कर उत्साह दिखाया था।हालांकि, वर्तमान स्थिति इसके विपरीत है। 800 यात्रियों की क्षमता वाली मेट्रो ट्रेन अब खाली पटरियों पर दौड़ती दिखाई दे रही है। शुरुआती सप्ताह में स्टेशनों पर जो भीड़ नजर आई थी, वह अब पूरी तरह कम हो चुकी है।

फेरे घटाकर 13 किए गए

यात्रियों की संख्या में गिरावट को देखते हुए मेट्रो प्रबंधन ने रोजाना संचालित 17 फेरों को घटाकर 13 कर दिया है। इसके बावजूद स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ। जानकारी के अनुसार इन 13 फेरों को मिलाकर भी दिनभर में करीब 100 यात्री ही सफर कर रहे हैं। कई ट्रिप तो ऐसी भी होती हैं, जिनमें एक भी यात्री सवार नहीं होता।

प्रबंधन का मानना है कि शुरुआती दिनों में लोग केवल घूमने के उद्देश्य से आ रहे थे, जिसे स्थायी यात्री संख्या समझ लिया गया।

बुनियादी सुविधाओं की कमी बड़ी वजह

मेट्रो की कम होती लोकप्रियता के पीछे बुनियादी सुविधाओं की कमी को प्रमुख कारण माना जा रहा है। सुभाष नगर, केवी-1, आरकेएमपी और एम्स जैसे प्रमुख स्टेशनों पर अब तक व्यवस्थित वाहन पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है।

सुभाष नगर और केवी-1 स्टेशन पर दिव्यांगों के लिए आरक्षित स्थानों पर अवैध पार्किंग की स्थिति बनी हुई है। वहीं कुछ स्टेशनों पर निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है, जिससे यात्रियों को असुविधा और असुरक्षा का एहसास होता है।

बिजली की बर्बादी और तकनीकी समस्याएं

सूत्रों के अनुसार एमपी नगर स्टेशन पर लगे एस्केलेटर सिग्नल सिस्टम से अब तक नहीं जुड़ पाए हैं। परिणामस्वरूप दोपहर 12 बजे से पूरे दिन एस्केलेटर खाली रहने पर भी चलते रहते हैं, जिससे रोजाना हजारों यूनिट बिजली की खपत हो रही है।

कमर्शियल योजना भी प्रभावित

यात्रियों की कम संख्या के चलते स्टेशनों को कमर्शियल हब बनाने की योजना भी प्रभावित होती दिख रही है। दुकानों के लिए निवेशक आगे नहीं आ रहे हैं। इस स्थिति में मेट्रो प्रबंधन स्कूली बच्चों के शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से भीड़ बढ़ाने और जागरूकता लाने की कोशिश कर रहा है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *