ईरानी वॉरशिप को लेकर अमेरिका ने श्रीलंका पर बनाया दबाव, रेस्क्यू सैनिकों को ईरान वापस न भेजने की मांग, बढ़ेगा तनाव

वॉशिंगटन/कोलंबो: ईरानी वॉरशिप पर हमले के बाद अब अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने श्रीलंका पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। वॉशिंगटन ने श्रीलंका की सरकार से कहा है कि वह इस सप्ताह डूबे ईरानी वॉरशिप IRIS-Dena के बचाए गए लोगों को वापस ईरान न भेजे। इसके साथ ही श्रीलंका के पोर्ट पर शरण पाए दूसरे ईरानी शिप के क्रू को भी वापस न भेजे। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अमेरिकी विदेश विभाग के इंटरनल केबल के हवाले से यह जानकारी दी है। बीते बुधवार को एक अमेरिकी पनडुब्बी ने टारपीडो से हमला करके ईरानी वॉरशिप डेना को डुबो दिया था।

अमेरिकी हमले में ईरानी वॉरशिप पर सवार 80 से ज्यादा नाविक मारे गए थे। श्रीलंका की सेना ने रेस्क्यू चलाकर 30 से ज्यादा ईरानी नौसैनिकों को बचा लिया था। हमला श्रीलंका के दक्षिणी शहर गाले से 19 नॉटिकल मील की दूरी पर किया गया था। यह इलाका श्रीलंका की समुद्री सीमा (12 नॉटिकल मील) से बाहर आता है।

ईरान को दूसरे वॉरशिप को शेल्टर

इसके एक दिन बाद श्रीलंका ने बताया कि उसने ईरान के एक दूसरे नौसैनिक जहाज IRIS बूशहर को अपने नियंत्रण में ले लिया है। यह जहाज श्रीलंका के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक में फंसा हुआ था और इसने श्रीलंका की सरकार से डॉक के लिए अनुरोध किया था। जहाज में 208 क्रू मेंबर्स थे, जो अब श्रीलंका की देखरेख में हैं। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने ईरानी क्रू को अपने देश में रखने को मानवीय जिम्मेदारी बताया था।

अमेरिका ने श्रीलंका के सामने रखी मांग

अमेरिकी विदेश विभाग के इंटरनल केबल के अनुसार, कोलंबो में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी जेन हॉवेल ने श्रीलंका सरकार पर दबाव बनाया है कि बूशहर के क्रू और डेना पर बचाए गए 32 लोगों ईरान वापस नहीं भेजा जाना चाहिए। केबल में कहा गया, श्रीलंका के अधिकारियों को हिरासत में लोगों का ईरान द्वारा प्रोपेगैंडा के लिए इस्तेमाल करने की कोशिशों को कम से कम करना चाहिए।

बुधवार को श्रीलंका ने बताया था कि तेहरान ने कोलंबो से डेना जहाज पर मारे गए लोगों के शवों को वापस लेने के लिए मदद मांगी थी, हालांकि अभी इस बार में अभी फैसला नहीं लिया गया है। जहाज पर हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने श्रीलंका में अपने समकक्ष से फोन पर बात की थी।

भारत में रुका हुआ है एक ईरानी शिप

इस बीच पता चला है कि भारत ने एक ईरानी शिप भारत के क्षेत्र में सुरक्षित डॉक किया गया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, श्रीलंका के पास IRIS डेना पर हमले से कुछ दिन पहले ईरान ने एक जहाज की तत्काल डॉकिंग के लिए भारत से संपर्क किया था। यह अनुरोध 28 फरवरी को किया गया था, जिस दिन अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला शुरू किया। तेहरान ने कहा था कि जहाज में तकनीकी दिक्कतें आ गई हैं और इस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। यह जहाज इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू के लिए उस इलाके में था।

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