मध्य प्रदेश में पार्वती-चंबल-कालीसिंध सहित छह परियोजनाएं अब 15,794 करोड़ रुपये में होंगी पूरी

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, नर्मदा नियंत्रण मंडल और नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट लिमिटेड के संचालक मंडल की बैठक में रविवार को पार्वती-चंबल-कालीसिंध सहित छह सिंचाई परियोजनाओं को पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई। 15,794 करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं से सिंचाई क्षमता काफी बढ़ जाएगी।

प्रदेश की सबसे लंबी 11.952 किलोमीटर की स्लीमनाबाद टनल (जल सुरंग) का 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जल्द ही उद्घाटन कार्यक्रम होगा। बैठक में बताया गया कि बरगी व्यपवर्तन परियोजना पर बीते दो वर्ष में तेजी से काम पूरे किए गए। स्लीमनाबाद टनल के निर्माण का काम 85 प्रतिशत हो गया है।

इसका पूरा होने पर 1.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। इस टनल के राष्ट्रीय राजमार्ग, रेल्वे लाइनों, भूमिगत क्रासिंग और आबादी क्षेत्र इत्यादि के नीचे से सुरक्षित गुजरते हुए संरचना को कोई क्षति नहीं पहुंची। बैठक में पार्वती-चंबल-कालीसिंध सहित विभिन्न सिंचाई परियोजना की लागत पुनरीक्षित करने के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन एवं नर्मदा घाटी डॉ. राजेश राजौरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

परियोजना- सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि- पुनरीक्षित लागत (करोड़ रुपये में)

  • दूधी सिंचाई परियोजना : 55410 से 60828 हेक्टेयर-1925
  • खालवा उद्वहन माइक्रो लिफ्ट परियोजना : 35110 से 37490 हेक्टेयर- 724
  • बरगी व्यपवर्तन परियोजना : 2.45 लाख हेक्टेयर- 7881
  • पार्वती-चंबल-कालीसिंध द्वितीय चरण : 1.10 लाख हेक्टेयर- 5985
  • पार्वती-चंबल-कालीसिंध तृतीय-चतुर्थ चरण : एक लाख हेक्टेयरे- 5164
  • बदनावर माइक्रो लिफ्ट परियोजना : 1,952
  • डोबी सिंचाई सीहोर : 275
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *