भोपाल में बिजली बिल के नाम पर बड़ा खेल, रिटायर्ड जीएम से 8.66 लाख की ठगी; जालसाज ने कहा “सरकारी कर्मचारी हूं, भरोसा रखिए”

भोपाल। बिजली विभाग के कर्मचारी बनकर साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड जीएम से 8.66 लाख रुपये की साइबर ठगी की है। ठगों ने बकाया बिजली बिल न भरे जाने की शिकायत करने के नाम पर वृद्ध को फोन किया और बताया कि IVRS नंबर अपडेट होने के कारण उनके द्वारा भरे जा रहे बिजली बिल की राशि विभाग को नहीं मिल पा रही है। इसलिए उन्हें भी अपनी तरफ से नया IVRS नंबर अपडेट करना होगा।वृद्ध के मोबाइल पर लिंक भेजा

इसी दौरान उन्होंने वृद्ध के मोबाइल पर लिंक भेजा। वृद्ध को जब ठगी की शंका हुई तो ठग ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि हम बिजली विभाग के सरकारी कर्मचारी हैं, यदि कुछ गलत करेंगे तो नौकरी चली जाएगी। वृद्ध ने जैसे ही क्लिक किया तो उनके खाते से 8.66 लाख रुपये निकाल लिए। घटना 31 मार्च 2026 की है। वहीं शिकायत पर शाहपुरा पुलिस ने शनिवार रात केस दर्ज किया है।

पुलिस का क्या कहना

पुलिस के अनुसार रोहित नगर फेस-1, ई-8 एक्सटेंशन निवासी 78 वर्षीय नंदकिशोर दुबे ग्रेसिम इंड्रस्टीज प्राइवेट लिमिटेड के रिटायर्ड जीएम हैं। 31 मार्च को करीब तीन बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को एमपीईबी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि आपके बिजली का बिल बकाया है। जब उन्होंने बताया कि वे हर माह समय पर बिजली का बिल भरते हैं तो जालसाज ने कहा कि आपका IVRS नंबर पुराना हो चुका है, इस कारण उसी नंबर पर बिजली बिल का भुगतान हो रहा है, आप अपने मीटर का IVRS नंबर बदल लें, नहीं तो बिजली कनेक्शन कट जाएगा।

वृद्ध ने कहा कि उन्हें यह सब करना नहीं आता और घर में वे अकेले रहते हैं। इस पर शातिर जालसाज ने पूछा कि आप पेमेंट कैसे करते हो, तो उन्होंने बताया कि पेटीएम से करता हूं। आरोपित ने उन्हें पेटीएम ऐप ओपन करने की बात कही, जिस पर वृद्ध ने इनकार किया तो आरोपित ने बताया कि वह सरकारी कर्मचारी है, धोखा नहीं करेगा। आरोपित ने ठगी का लिंक उन्हें भेजा, जिसे लेकर विश्वास में आकर वृद्ध ने लिंक पर क्लिक किया और उनके खाते से राशि निकल गई।

केस दर्ज किया गया

थाना प्रभारी संतोष मरकाम ने बताया कि प्रकरण में फरियादी के पास जिस नंबर से कॉल आया था, उसके विरुद्ध केस दर्ज किया गया है।

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