हवाई सफर पर मिडिल ईस्ट युद्ध की मार, एयर टर्बाइन फ्यूल के दाम बढ़ने से किराया बढ़ा, भोपाल से दिल्ली का सफर 4500 के पार
भोपाल। मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण कच्चे तेल और एयर टर्बाइन फ्यूल एटीएफ के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसका असर हवाई किराये पर भी नजर आने लगा है। भोपाल से अब सस्ते किराये में टिकट नहीं मिल रहे हैं। लेट नाइट पुणे उड़ान में भी किराया बढ़ गया है। भोपाल से दिल्ली तक सर्वाधिक सात उड़ानें हैं। इस रूट पर भी फेयर साढ़े चार हजार से अधिक हो गया है। हाल ही में एयरलाइंस कंपनियों ने घरेलू उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया था।
इससे किराये में 500 रुपये तक प्रति सीट बढ़ोतरी हुई थी। अब युद्ध के माहौल के बार एयर टर्बाइन फ्यूल जिसे जेट फ्यूल भी कहा जाता है के दाम बढ़ रहे हैं। पिछले एक माह में ही एटीएफ के दाम दो गुना तक हो गए हैं। इस कारण अब सस्ते किराये वाले टिकट मिलना लगभग बंद हो गए हैं। फ्यूल के बढ़े हुए खर्च को एयरलाइंस कंपनियां यात्रियों से ही वसूल कर रही हैं। इस वर्ष किसी भी कंपनी ने भोपाल के यात्रियों को लो फेयर स्कीम का लाभ नहीं दिया है।
मई में किराया और बढ़ सकता है
मई माह में ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू होंगे। ऐसे में किराये में और अधिक बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल भोपाल से दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद, रायपुर एवं नवीं मुंबई तक किसी भी रूट पर किराया साढ़े चार हजार से कम नहीं है। पुणे उड़ान भोपाल से सुबह तीन बजे रवाना होती है। आमतौर पर लेट नाइट उड़ानों में किराया कम होता है पर अभी इस उड़ान में भी किराया छह हजार रुपये तक पहुंच गया है।
ट्रेवल्स एजेंट ओमप्रकाश शेरू का कहना है कि इस समय युद्ध के कारण विदेशी रूट पर यात्रियों की संख्या कम है। युद्ध समाप्त हुआ तो भोपाल से कनेक्टिंग उड़ानों से जाने वाले यात्री बढ़ेंगे। इसी बीच अगर एटीएफ के दाम कम न हुए तो किराया में एक और बढ़ोतरी हो सकती है।
