स्वास्थ्य अमला पहुंचा पीलिया प्रभावित वार्ड में स्थिति नियंत्रण में

 दुर्ग। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी एवं जिला सर्वेलेंस अधिकारी डॉ. सी.बी.एस. बंजारे के मार्गदर्शन में वार्ड-67 सेक्टर 7 पश्चिम सड़क 37 ए में पीलिया के मरीजों की जानकारी होने पर 09 अप्रैल 2026 को प्रभारी अधिकारी, सिविल हॉस्पिटल सुपेला भिलाई डॉ. पियाम सिंग व जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट श्रीमती रितिका सोनवानी, सुपरवाईजर  विजय सेजुले, बीईटीओ  हितेन्द्र कोसरे एवं स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनों के साथ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया गया है। प्रभावित क्षेत्र का स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निगम की संयुक्त टीम द्वारा 95 घरों का भ्रमण किया गया जिसमें 04 पीलिया से ग्रसित मरीज मिले। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है। आम जनता के लिए प्रेस विज्ञप्ति जारी किया गया जिसमें जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग, दुर्ग आम जनता से अपील करता है। पीलिया हेतु पीलिया प्रदूषित जल व भोजन से फैलने वाला संक्रामक रोग है जो विषाणुओं के संक्रमण से होता है। विषाणुओं के शरीर में प्रवेश करने के 15 से 50 दिनों के भीतर बीमारी के लक्षण प्रकट होते है। पीलिया के प्रमुख लक्षण भूख न लगना, पीले रंग की पेशाब होना, भोजन का स्वाद न आना, उल्टी लगना या होना, सिर में दर्द होना एवं कमजोरी तथा थकावट का अनुभव करना, पेट के दाहिने तरफ ऊपर की ओर दर्द होना, आंखे व त्वचा का रंग पीला होना।

क्या करें – तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार हेतु जावे। पीने के पानी को 20 मिनट तक उबालकर ठंडा कर पीयें। 20 लीटर पीने के पानी में एक क्लोरीन गोली पीस कर डालें, एवं 30 मिनट पश्चात उपयोग करे। शौच के पश्चात एवं भोजन के पहले हाथ साबुन से धोवें। खुली में रखी, बासी व सड़ी गली खाद्य सामग्री का सेवन न करें।

क्या ना करें – चिकित्सक से परामर्श किये बिना हर्बल दवाइयों से बचें। धूम्रपान व शराब के सेवन से बचे। बिना उबाले दूध व पानी का सेवन न करे। फलों व सब्जियों के रस से बचें। कच्चे व अधपके मांस मटन, अंडे व मछली का सेवन न करे।

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