भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन के विस्तार के लिए पहाड़ी काटकर बिछाया जा रहा पिलर का जाल, पुल पातरा के बाद जमीन के अंदर से जाएगी मेट्रो

भोपाल। भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन के विस्तार का काम अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। पिछले काफी समय से बंद पड़े पुल बोगदा मार्ग पर अब मेट्रो के पिलरों को आकार देने का काम शुरू हो गया है।यहां पहाड़ी क्षेत्र की ढलान पर खोदाई पूरी होने के बाद अब लोहे के बड़े-बड़े जाल बिछाए जा रहे हैं। लिहाजा, यहां एलिवेटेड कॉरिडोर खड़ा नजर आने लगेगा।

टनल के जरिए भोपाल रेलवे स्टेशन तक पहुंचेगी मेट्रो

अहम बात यह है कि पुल बोगदा से लेकर पुल पातरा तक के इस हिस्से में पिलर बनाए जाएंगे। इसके बाद मेट्रो टनल के जरिए भोपाल रेलवे स्टेशन तक पहुंचेगी। हालांकि, निर्माण कार्य के चलते यह रास्ता पिछले आठ-नौ महीनों से आम जनता के लिए बंद है, लेकिन अब काम की रफ्तार देखकर लग रहा है कि जल्द ही यहां का काम पूरा कर लिया जाएगा।

2028 तक मेट्रो को करोंद चौराहे तक पहुंचाना लक्ष्य

गौरतलब है कि इस रूट पर निर्माण कार्य में कुछ रुकावटें और अतिक्रमण की समस्या थी, जिन्हें अब पूरी तरह हटा लिया गया है। 16.74 किमी लंबी ऑरेंज लाइन के साढ़े सात किमी हिस्से पर मेट्रो चल रही है। प्रबंधन का लक्ष्य है कि साल 2028 तक मेट्रो को करोंद चौराहे तक पहुंचा दिया जाए।

अभी थोड़ा फंसा हुआ है अंडरग्राउंड टनल का काम

अंडरग्राउंड टनल का काम अभी थोड़ा फंसा हुआ है। दरअसल, टनल के रास्ते में 45 साल पुरानी शालीमार ट्रेड सेंटर की बिल्डिंग आ रही है। यह इमारत काफी जर्जर हो चुकी है। इसलिए सुरक्षा को देखते हुए मैनिट के विशेषज्ञों से इसकी जांच कराई गई है। मैनिट की रिपोर्ट 25 अप्रैल तक आएगी। रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कि बिल्डिंग खाली करानी है या नहीं।

पुल पातरा के बाद जमीन के अंदर से जाएगी मेट्रो

इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि मेट्रो सिर्फ पुल पातरा तक ही ऊपर (एलिवेटेड) चलेगी। इसके बाद भोपाल रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए यह जमीन के अंदर प्रवेश कर जाएगी। प्रदेश की यह पहली अंडरग्राउंड टनल होगी, जिसकी लंबाई लगभग 3.39 किलोमीटर होगी। टनल बनाने वाली टीबीएम मशीन को जमीन के नीचे उतारा जा चुका है।
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