कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय सीमा की बैठक

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ में सुशासन को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार वर्ष 2025 की तर्ज पर इस वर्ष “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन व्यापक स्तर पर करने जा रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जन शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुशासन की आधारशिला है। आम नागरिकों को पारदर्शी, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गत वर्ष आयोजित सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इस वर्ष इसे और अधिक व्यापक स्वरूप में लागू किया जाएगा।

कलेक्टर  महोबे ने कहा कि सुशासन तिहार के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में न केवल जन समस्याओं का समाधान किया जाएगा, बल्कि शासन की योजनाओं के प्रति जन-जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए है । शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति से अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा अभियान के दौरान मान. मंत्रीगण, सांसद एवं विधायक, साथ ही मुख्य सचिव और प्रभारी सचिव समय-समय पर शिविरों में शामिल होकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और आमजन से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। इससे प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी।

कलेक्टर  जन्मेजय महोबे ने जिला खनिज न्यास अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन के निर्देशनुसार जिले के प्रभावित क्षेत्रों एवं हितग्राहियों के समग्र विकास के लिए सुनियोजित एवं समयबद्ध 5 वर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना तैयार किया जाएगा ।

कलेक्टर ने कहा कि योजना निर्माण से पूर्व बेसलाइन सर्वे कराना अनिवार्य है, जिसे शैक्षणिक संस्थानों, एजेंसियों अथवा संगठनों के माध्यम से कराया जाए। उन्होंने ग्राम सभाओं एवं स्थानीय निकायों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए आवश्यकताओं का आकलन तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने बताया कि बेसलाइन सर्वे के निष्कर्षों के आधार पर अगले पांच वर्षों के लिए रणनीति तैयार की जाएगी, जिसे वार्षिक कार्ययोजनाओं में विभाजित कर क्रियान्वित किया जाएगा। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि 5 वर्षीय योजना में प्राथमिकता वाले क्षेत्र जैसे पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण के साथ-साथ सड़क एवं सिंचाई जैसे विकास को विशेष रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि तैयार की गई योजना को डीएमएफ की गवर्निंग काउंसिल से अनुमोदित कराते हुए वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाए।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक वर्ष की वार्षिक योजना, 5 वर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना के अनुरूप तैयार की जाए तथा पूर्व वर्षों की उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए लक्ष्य निर्धारित किए जाएं।संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने नगर पंचायत राहौद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कार्यालय में निलंबित कर्मचारी द्वारा कार्य कराए जाने की बात सामने आई थी, कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लेते हुए 3 दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर श्री महोबे ने साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और सुचारू रूप से पहुंचे। बैठक में अपर कलेक्टर  आर. के. तम्बोली, संयुक्त कलेक्टर  संदीप सिंह ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती स्निग्धा तिवारी सहित जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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