MP से राज्यसभा सदस्य एल मुरुगन व जार्ज कुरियन हारे विधानसभा चुनाव
भोपाल। बंगाल में भाजपा की जीत से प्रदेश में पार्टी उत्साहित है तो दूसरी ओर मप्र से भाजपा के राज्य सभा सदस्य एल मुरुगन और जार्ज कुरियन विधानसभा चुनाव हार गए हैं। मुरुगन ने तमिलनाडु के अवांसी सीट से चुनाव लड़ा था, जहां वे 15 हजार से अधिक मतों से पराजित होकर दूसरे स्थान पर रहे। जार्ज कुरियन केरल के कांजीरापल्ली से भाजपा के प्रत्याशी थे, जो 29 हजार से अधिक मतों से हार गए हैं।
दोनों नेताओं के चुनाव परिणाम को लेकर मध्य प्रदेश में रुचि इस कारण थी, क्योंकि कुरियन का कार्यकाल जून 2026 और मुरुगन का कार्यकाल अप्रैल 2030 तक है। कुरियन ज्योतिरादित्य सिंधिया के लोकसभा में जाने के बाद रिक्त सीट से राज्य सभा में गए हैं, इसलिए उनका कार्यकाल जून 2026 को समाप्त हो रहा है। दोनों नेता अगर विधानसभा चुनाव जीत जाते और विधानसभा में रहना स्वीकारते तो राज्यसभा की सीट रिक्त होती।
मप्र भाजपा की टीम ने संभाला था असम में मोर्चा
- अलग-अलग राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रचार और प्रबंधन में प्रदेश के नेताओं की भी सहभागिता रही। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बंगाल में करमहाटी, मेदनीपुर जिले के खड़गपुर और बांकुरा में चुनाव प्रचार किया था। इसी तरह से असम विधानसभा चुनाव में प्रचार, बूथ प्रबंधन और चुनाव प्रबंध के अन्य कार्यों लिए भाजपा ने प्रदेश से लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और विनोद गोटिया को मोर्चे पर लगाया था।
- राकेश सिंह ने लगभग सभी जिलों का दौरा किया तो विनोद गोटिया ने संगठनात्मक काम देखे। इसके अलावा लोक सभा सदस्य आलोक शर्मा, विवेक साहू और दर्शन सिंह चौधरी, मंत्री राकेश सिंह, पूर्व सांसद केपीएस यादव को अलग-अलग दायित्व सौंपा था। राज्यसभा सदस्य कविता पाटीदार को कछार जिले की जिम्मेदारी दी गई थी।
