‘ईरान के साथ सीजफायर जारी’, ट्रंप ने ताजा झड़प को बताया ‘लव टैप’, तेहरान ने दी घायल शेर वाली धमकी

तेहरान: अमेरिकी सेना के ईरान पर ताजा हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिकी सेना पर होर्मुज जलडमरूमध्य में दो जहाजों और आम नागरिकों वाले इलाकों पर हमला करने का आरोप लगाया है, जबकि वॉशिंगटन ने जोर देकर कहा कि उसने जवाबी कार्रवाई में हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि ईरान के उन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया जो होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे अमेरिकी जंगी जहाजों को निशाना बना रहे थे।

ईरान की मिसाइलें और ड्रोन तबाह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरानी हमलावर ड्रोन और मिसाइलों को तबाह कर दिया। उन्होंने बताया कि ईरान के हमले को नाकाम करते हुए तीन अमेरिकी डेस्ट्रॉयर होर्मुज के बाहर निकल गए। इसके साथ ही उन्होंने तेहरान को चेतावनी दी कि अगर ईरान जल्द ही कोई समझौता नहीं करता है, तो हम उन पर और भी ज्यादा जोरदार और हिंसक तरीके से वार करेंगे।

ट्रंप ने कहा- जारी है युद्धविराम

अमेरिका और ईरान के बीच इन ताजा झड़पों ने युद्धविराम को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जो पिछले एक महीने से जारी है। हालांकि, ट्रंप ने जोर देकर कहा कि सीजफायर कायम है। अमेरिकी ब्रॉडकास्टर ABC न्यूज पर एक इंटरव्यू में जब ट्रंप के इन ताजा झड़पों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे ‘प्यार की थपकी’ (Love Tap) बताया। ट्रंप ने कहा, ‘यह तो बस एक लव टैप है, सीजफायर जारी है। यह अभी भी लागू है।’ ट्रंप ने एक बार फिर दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे।

ईरान की घायल शेर वाली धमकी

तेहरान ने अमेरिकी हमलों की पुष्टि करते हुए ईरान की तुलना गुस्से भरे शेर से की है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने परोक्ष धमकी जारी करते हुए X पर लिखा, अगर आपको शेर के नुकीले दांत बाहर निकले हुए दिखें तो यह मत सोचिए कि शेर मुस्करा रहा है। ईरान की सेना के मुख्यालय खत्म अल-अंबिया से जारी एक बयान में कहा गया कि कुछ क्षेत्रीय देशों के सहयोग से अमेरिका ने बंदर खमीर, सिरिक और केशम द्वीप के तटों के किनारे स्थित नागरिक क्षेत्रों पर हवाई हमले किए हैं।

इसके पहले बाकेई ने ईरान को महाशक्ति बताते हुए खाड़ी के सभी देशों से एकजुट होने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि यह समझने की जरूरत है कि खाड़ी में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति सुरक्षा होने के बजाय एक बोझ है। उन्होंने ऐसा तंत्र बनाने को कहा जो सभी देशों की जरूरतों को पूरा करे और उनकी सामूहिक सुरक्षा की गारंटी बने।
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