अडानी के साथ उड़ेगी उबर, अहमदाबाद में हुई खास मीटिंग, भारत में बनेगा कंपनी का पहला डेटा सेंटर

नई दिल्ली: कैब सर्विस कंपनी उबर भारत में अडानी ग्रुप के साथ मिलकर पहला डेटा सेंटर स्थापित करेगी। इसकी वजह देश का कंपनी के लिए बड़े इनोवेशन हब के रूप में उभरना है। यह जानकारी उबर के सीईओ दारा खोसरोशाही ने बुधवार को दी।

अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी से मुलाकात के बाद डेवलपमेंट के बारे में जानकारी शेयर करते हुए उबर के सीईओ ने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक मोबिलिटी प्लेटफॉर्म के लिए एक अग्रणी इनोवेशन केंद्र बन रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘आज सुबह अहमदाबाद में गौतम अडानी से मिलकर बहुत अच्छा लगा और अडानी ग्रुप के साथ हमारी मौजूदा साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर मिला।

उबर को क्या होगा फायदा?

  • प्रस्तावित डेटा सेंटर से भारत में उबर के बढ़ते टेक्नोलॉजी और इनोवेशन कार्यों को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
  • भारत कंपनी के लिए न केवल मोबिलिटी सेवाओं में, बल्कि इंजीनियरिंग और उत्पाद विकास में भी एक महत्वपूर्ण बाजार बन गया है।
  • कंपनी के सीईओ ने कहा कि इस साल के अंत तक तैयार होने वाला यह निवेश हमें भारत से दुनिया भर के लिए बड़े पैमाने पर विकास करने में मदद करेगा।
  • तेजी से विस्तार कर रहा अडानी ग्रुप

    यह नवीनतम साझेदारी की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब अडानी ग्रुप भारत में अपने डिजिटल बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार कर रहा है। पिछले महीने, अडानी ग्रुप की एजकॉनेक्स के साथ संयुक्त डेटा सेंटर कंपनी अडानीकॉनेक्स ने विशाखापत्तनम में 1 गीगावॉट के एआई-रेडी डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म विकसित करने का ऐलान किया था।

  • 28 अप्रैल को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अडानी ग्रुप द्वारा लगभग 10 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा। गूगल के साथ इस परियोजना में इन्फ्रास्ट्रक्चर भागीदार के रूप में, अडानीकॉनेक्स एक मजबूत और एकीकृत ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र द्वारा समर्थित, स्केलेबल, एआई-रेडी डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रहा है।

    अंबानी भी रेस में शामिल

    डेटा सेंटर सेक्टर की रेस में मुकेश अंबानी भी शामिल हैं। उनकी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में भारत का सबसे बड़ा डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित करने जा रही है। मुकेश अंबानी की यह कंपनी इस परियोजना में 1.6 लाख करोड़ रुपये (17 अरब डॉलर से ज्यादा) का निवेश करेगी। यह परियोजना 1.5 गीगावॉट क्षमता वाली होगी, जो भारत में अब तक की सबसे बड़ी डेटा सेंटर परियोजना मानी जा रही है।

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