पाकिस्तान की धोखेबाजी का पर्दाफाश, सालों से ईरानी मिलिट्री जेट्स को दे रहा था पनाह, अमेरिका हैरान

इस्लामाबाद: अमेरिका और ईरान में मध्यस्थ बने पाकिस्तान की पोल खुल गई है। वह अमेरिका और ईरान दोनों से फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। हाल में ही अमेरिकी मीडिया ने बताया है कि पाकिस्तान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों से बचाने के लिए ईरानी सैन्य विमानों को अपने एयरबेस पर पनाह दी थी। अब एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान लंबे समय से ईरानी सैन्य विमानों को शरण देता रहा है। उसने न सिर्फ मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के दौरान, बल्कि किसी भी दूसरे संघर्ष में ईरानी लड़ाकू विमानों की मेजबानी की है।

जुलाई 2025 में भी दिखा था ईरानी विमान

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2025 के एक यूट्यूब वीडियो में दिखा है कि कराची एयरपोर्ट के रनवे पर ईरानी ट्रांसपोर्ट और हवाई रिफ्यूलिंग टैंकर खड़े हैं। यह घटना इजरायल के ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ खत्म होने के कुछ हफ्तों बाद की है। इस दौरान इजरायल ने ईरान की परमाणु फैसिलिटी पर जबरदस्त हवाई हमले किए थे।

ईरानी विमानों को पनाह दे रहा पाकिस्तान

रिपोर्ट में बताया गया है कि यह वीडियो CBS News की उस रिपोर्ट के एक दिन बाद सामने आया है, जिसमें बताया गया था कि पाकिस्तान इस समय ईरानी विमानों को पनाह दे रहा है। इससे पाकिस्तान की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, पाकिस्तान ने इन दावों को फर्जी बताया है। उसका कहना है कि ईरानी विमान अमेरिका के साथ वार्ता के पहले राउंड में शामिल होने के लिए उनके देश पहुंचा था।

नूर खान एयरबेस पर दिखा था ईरानी विमान

CBS News की रिपोर्ट में बताया गया था कि 25 अप्रैल को पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर ईरानी वायुसेना के RC-130H Khofash विमान को देखा गया था। इसकी एक हाई-रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीर भी सामने आई थी। RC-130H, ईरान द्वारा दशकों से इस्तेमाल किए जा रहे मशहूर C-130 ‘हरक्यूलिस’ विमान का एक खास इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर वेरिएंट है। ईरान इसका इस्तेमाल जासूसी और टोही मिशन के लिए करता है।

एक महीने तक पाकिस्तान में खड़ा रहा ईरानी विमान

Intel Lab के शोधकर्ता डेमियन साइमन ने बताया कि यह विमान 11 और 12 अप्रैल 2026 के बीच नूर खान एयरबेस पर पहुंचा था और कम से कम 12 मई 2026 तक, यानी अपने आगमन के लगभग एक महीने बाद तक, वहीं जमीन पर खड़ा रहा। इस पूरे समय के दौरान यह विमान उसी जगह पर खड़ा रहा। सीनेट हाउस एप्रोप्रिएशन्स कमेटी की सुनवाई को संबोधित करते हुए, अमेरिकी सीनेटर ग्राहम ने अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन से कहा कि उन्हें पाकिस्तान पर भरोसा नहीं है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *