सीएम हेल्पलाइन पर बड़ा सवाल: अप्रैल महीने में पेयजल से जुड़ीं 6457 शिकायतें दर्ज

भोपाल। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से 35 लोगों की मृत्यु के बाद भी अधिकारी सीएम हेल्पलाइन में आई शिकायतों के निराकरण में गंभीर नहीं हो रहे हैं। अकेले पेयजल संबंधित शिकायतों की बात करें तो अप्रैल में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 6457 शिकायतें आईं जिनमें मात्र 35 प्रतिशत का ही निराकरण हो पाया।

इंदौर घटना के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था

इंदौर की घटना के बाद संचालनालय के स्तर पर सख्ती की जा रही है। आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास संकेत भोंडवे हर सप्ताह समीक्षा कर रहे हैं। पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही करने पर बुधवार को उन्होंने तीन मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निलंबित भी किया है।

अप्रैल में 4.39 लाख शिकायतें दर्ज

इसके पहले भी अनुशासनात्मक कार्रवाइयां की गई हैं, पर शिकायतें हल नहीं हो पा रही हैं। अब सीएम हेल्पलाइन (181) में आईं सभी शिकायतों को मिला लें तो अप्रैल में चार लाख 39 हजार शिकायतें आईं, जिनमें 39 प्रतिशत का ही निराकरण हो पाया। निपटारे में (बड़वानी 46 प्रतिशत) ग्रेड ए में है। यह जानकारी सीएम हेल्पलाइन डैशबोर्ड के अनुसार है।

छह लाख से अधिक शिकायतें लंबित

सीएम हेल्पलाइन में प्रारंभ से लेकर अभी तक तीन करोड़ 75 लाख शिकायतें आई हैं, जिनमें छह लाख 34 हजार का निराकरण अभी भी नहीं हो पाया है। एक इसमें एक लाख 60 हजार शिकायतें 50 दिन से अधिक समय से लंबित हैं।

भोपाल जिले के विभिन्न विभागों में लंबित 22,615 शिकायतों में से 46 प्रतिशत 50 दिन से अधिक पुरानी हैं। किसी जिले में लंबित शिकायतों में यह सबसे बड़ी संख्या है।

इनके अलावा:

अवैध कालोनी, कब्जे और भवन निर्माण से संबंधित – 1702
आशा कार्यकर्ताओं से संबंधित – 824
आयुष्मान कार्ड नहीं बनाने से संबंधित – 138108
एंबुलेंस के संबंध में – 555
गेहूं उपार्जन केंद्रों में खाली बारदाना उपलब्ध नहीं होने की – 68
कार्य के दौरान मार्ग को, जल निगम /दूरसंचार तथा अन्य विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त किया जाना – 25

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