भोपाल के गोविंदपुरा में निजी प्लॉट खाली कराने पहुंचे परिवार पर हमला, प्रशासनिक अमले के सामने हुआ विवाद

भोपाल। गोविंदपुरा इलाके में शुक्रवार को एक निजी भूखंड खाली कराने पहुंचे परिवार पर झुग्गीवासियों द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के दौरान जिला प्रशासन और नगर निगम का अमला मौके पर मौजूद था। पूरे घटनाक्रम का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। हालांकि बाद में प्रशासन ने नगर निगम की मदद से संबंधित भूखंड पर बनी 14 झुग्गियों को हटाकर जमीन खाली करवा दी।

हाईकोर्ट ने दिए थे कब्जा हटाने के निर्देश

जानकारी के अनुसार भेल अनुसूचित जाति-जनजाति कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित गोविंदपुरा के सदस्य शिवनारायण दास के प्लाट पर लंबे समय से अवैध रूप से झुग्गियां बनी हुई थीं। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में चल रही थी। कोर्ट ने निजी भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे।

हाईकोर्ट के आदेश के पालन में एसडीएम एमपी नगर लक्ष्मीकांत खरे के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। इस दौरान शिवनारायण दास अपने परिवार के साथ वहां मौजूद थे।

अतिक्रमणकारियों ने कर दिया हमला

बताया गया कि जब वे झुग्गीवासियों से जमीन खाली करने को लेकर बातचीत कर रहे थे, तभी विवाद बढ़ गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने परिवार के सदस्यों, महिलाओं और अन्य परिजनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। जान बचाने के लिए परिवार घर के अंदर पहुंचा तो हमलावर वहां भी घुस गए और सामान फेंकते हुए हंगामा किया।

घटना की सूचना गोविंदपुरा थाना पुलिस को दी गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक मामला दर्ज नहीं किया गया था।

प्रशासन ने हटाईं 14 झुग्गियां

एसडीएम लक्ष्मीकांत खरे ने बताया कि संबंधित भूमि निजी स्वामित्व की थी, जिस पर अवैध कब्जा कर झुग्गियां बनाई गई थीं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई करते हुए सभी 14 झुग्गियां हटाकर भूखंड खाली कराया गया।

उन्होंने कहा कि मौके पर किसी बड़े विवाद जैसी स्थिति नहीं बनी थी।

38 परिवारों के पुनर्वास को लेकर भी विवाद

इधर, अयोध्या बायपास पर 10 लेन सड़क निर्माण के चलते हटाए गए 38 झुग्गी परिवारों का मामला भी चर्चा में है। इन परिवारों को लालपुरा में शिफ्ट किया गया है, लेकिन कई परिवार वहां जाने को तैयार नहीं हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार गुरुवार को पार्षद मनोज विश्वकर्मा ने कान्हासैंया क्षेत्र में इन परिवारों के लिए अस्थायी व्यवस्था के तहत बांस-बल्ली लगवाई थी, लेकिन शुक्रवार सुबह वे टूटे हुए मिले।

मौके पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि हुजूर एसडीएम विनोद सोनकिया की टीम ने इन्हें हटाया है।

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