उधर ईरान पर हमला, इधर सीएनजी पर 2 रुपये बढ़ गए, जानें दिल्ली-एनसीआर में नई कीमत
नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल के बाद अब सीएनजी भी महंगी हो गई है। मंगलवार सुबह दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी के दाम में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई। इससे पहले शनिवार को ही सीएनजी के दाम में 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई थी। अब नई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में सीएनजी की कीमत 83.09 रुपये प्रति किलो हो गई है। सीएनजी के दाम में यह वृद्धि अमेरिका की ओर से ईरान पर हमले के बाद हुई है।
15 मई से लेकर अब तक सीएनजी के दाम चार बार बढ़ चुके हैं। 15 मई को सीएनजी के दाम में 2 रुपये प्रति किलो, 17 मई को 1 रुपये प्रति किलो और 23 मई को 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई थी। अब 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। 15 मई से लेकर अब तक सीएनजी के दाम में कुल 6 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हो चुकी है। कल यानी सोमवार को पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे। 15 मई से लेकर अब तक पेट्रोल-डीजल के दाम में यह चौथी बढ़ोतरी थी।
आम आदमी पर बढ़ेगा बोझ
- सीएनजी के दाम में बढ़ोतरी से ऑटो-रिक्शा, टैक्सियों और सीएनजी से चलने वाले निजी वाहनों का दैनिक सफर महंगा हो जाएगा।
- दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में सार्वजनिक परिवहन के बेड़े (बसों और कैब) का एक बड़ा हिस्सा सीएनजी पर निर्भर है, इसलिए इस फैसले का सीधा असर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ेगा।
- सीएनजी, पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी से परिवहन और लॉजिस्टिक्स (माल ढुलाई) की लागत बढ़ना तय है।
- जानकारों का मानना है कि इसका सीधा असर आम आदमी की रसोई पर भी पड़ सकता है, क्योंकि सड़क मार्ग से आने-जाने वाले सामानों की ढुलाई महंगी होने से बाजार में महंगाई बढ़ सकती है।
कीमतें बढ़ने का कारण
भारत में ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) और गैस की दरों, विनिमय दर और स्थानीय टैक्स के आधार पर तय होती हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें ऊंची बनी हुई हैं।
ईरान पर हमला
अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर हमले किए हैं। होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित ईरानी द्वीपों पर अटैक हुआ है। अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने दक्षिणी ईरान पर ये नए हमले किए हैं, जिनमें ईरानी मिसाइल साइट और खदानें बिछाने की कोशिश कर रही नावों को निशाना बनाया गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ये हमले आत्मरक्षा में किए गए। इन हमलों का मकसद ईरानी सेनाओं से पैदा होने वाले खतरों से हमारे सैनिकों की रक्षा करना था।
