रजत पाटीदार फिफ्टी भी नहीं लगा पाते, गुजरात टाइटंस से हुई भारी चूक, पूरे मैच का नतीजा बदल गया
धर्मशाला: आईपीएल 2026 के क्वालीफायर-1 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने गुजरात टाइटंस को 92 रनों के विशाल अंतर से हराकर सीधे फाइनल का टिकट कटा लिया है। लेकिन गुजरात की इस शर्मनाक हार के पीछे कोई और नहीं, बल्कि उनके अपने ही सबसे भरोसेमंद विदेशी खिलाड़ी की एक बहुत बड़ी गलती थी। अगर उस खिलाड़ी ने वो एक कैच न टपकाया होता, तो शायद आज कहानी कुछ और होती। वह खिलाड़ी कोई और नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे घातक तेज गेंदबाजों में से एक कगिसो रबाडा हैं, जिनकी एक गलती ने पूरे मैच का पासा पलट दिया और गुजरात की टीम को बर्बाद कर दिया।
जब आरसीबी की पारी पर लग गया था ब्रेक
धर्मशाला के मैदान पर टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी आरसीबी की शुरुआत बेहद तूफानी रही थी। विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल ने पावरप्ले में टीम का स्कोर 76/1 तक पहुंचा दिया था। लेकिन इसके बाद गुजरात के गेंदबाजों ने मैच में शानदार वापसी की। राशिद खान ने रनों पर अंकुश लगाया और जेसन होल्डर ने तीन गेंदों के भीतर कोहली और पडिक्कल दोनों को पवेलियन भेज दिया। एक समय आरसीबी का स्कोर 13.4 ओवर में 3 विकेट पर 134 रन था और उनकी पारी पूरी तरह से रुक चुकी थी। क्रीज पर रजत पाटीदार संघर्ष कर रहे थे और रनों की गति बढ़ाने के लिए छटपटा रहे थे, जब प्रसिद्ध कृष्णा 14वां ओवर फेंकने आए।
मैच का वो टर्निंग पॉइंट और रबाडा की बड़ी गलती
इस ओवर में रजत पाटीदार को दो जीवनदान मिले। पहली गेंद पर उनका एक लीडिंग एज लगा जो विकेटकीपर और डीप थर्ड के बीच में गिर गया और वे बच गए। लेकिन इसी ओवर की तीसरी गेंद पर पाटीदार ने प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर डीप स्क्वायर लेग की तरफ एक सीधा हवाई शॉट खेला। वहां बाउंड्री पर मुस्तैद थे कगिसो रबाडा। गेंद सीधे उनके हाथों में आ रही थी, लेकिन दबाव के पलों में रबाडा ने बेहद आसान सा दिखने वाला कैच टपका दिया। जब यह कैच छूटा, तब पाटीदार महज 12 गेंदों में 20 रन के निजी स्कोर पर खेल रहे थे और आरसीबी का स्कोर 134 रन था।
कैच छूटते ही पाटीदार बने काल
कगिसो रबाडा द्वारा कैच छोड़ना गुजरात के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। जीवनदान मिलते ही रजत पाटीदार ने ऐसा गदर मचाया कि गुजरात का पूरा गेंदबाजी आक्रमण तहस-नहस हो गया। रबाडा के कैच छोड़ने के ठीक अगले ओवर में कुलवंत खेजरोलिया ने नो-बॉल, वाइड और खराब फील्डिंग के चलते 28 रन लुटा दिए और यहां से आरसीबी के रनों का सैलाब आ गया। पाटीदार ने क्रुणाल पंड्या के साथ मिलकर महज 95 रनों की तूफानी साझेदारी की। पाटीदार अंत तक नाबाद रहे और उन्होंने महज 33 गेंदों में 93 रनों की अविश्वसनीय पारी खेल डाली, जिसमें 9 गगनचुंबी छक्के और 5 चौके शामिल थे। यह आईपीएल इतिहास में 90 या उससे अधिक रन की सबसे तेज पारी बन गई है। आरसीबी ने आखिरी 6 ओवरों में 114 रन कूटे और बोर्ड पर 5 विकेट खोकर 254 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया, जो आईपीएल प्लेऑफ के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है।
दबाव में बिखरी गुजरात टाइटंस
255 रनों के असंभव से लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की टीम इस भारी दबाव के आगे ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। कप्तान शुभमन गिल को भुवनेश्वर कुमार ने सिर्फ 2 रन पर क्लीन बोल्ड कर दिया। साई सुदर्शन का बल्ला उनके हाथ से छूटकर स्टंप्स पर जा गिरा और वे हिटविकेट हो गए। जोस बटलर भी 29 रन ही बना सके, जबकि निशांत सिंधु और जेसन होल्डर को रसिक सलाम ने एक ही ओवर में निपटा दिया। महज 51 रन पर 5 विकेट खोकर गुजरात मैच से बाहर हो चुकी थी। आखिरी में राहुल तेवतिया ने 43 गेंदों में 68 रनों की साहसिक पारी जरूर खेली, लेकिन वे सिर्फ हार का अंतर ही कम कर सके। गुजरात की पूरी टीम 162 रनों पर सिमट गई और आरसीबी ने 92 रनों से मैच जीतकर शान से फाइनल में प्रवेश किया।
