ऊषा उत्थुप और खूनी एक्ट्रेस, फिल्म में 7 पतियों में से एक की कहानी, 166 साल पुराने रूसी लोकगीत का कमाल

ऊषा उत्थुप ने सिनेमा में कई यादगार गाने दिए, लेकिन उन गानों से उन्हें वो सराहना नहीं मिली जिसकी वो हकदार थीं। आज हम उस गाने की बात कर रहे हैं जिसने उन्हें 40 साल के करियर में पहली बार उन्हें अवॉर्ड दिलाया था । इस गाने के पीछे भी एक मजेदार कहानी है।

साल 2011 में ऊषा उत्थुप को प्रियंका चोपड़ा स्टारर एक फिल्म का ऑफर आया जिसका नाम ‘7 खून माफ’ था। प्रियंका इसमें लीड रोल में थीं और ऊषा इसमें मेगी के रोल में नजर आईं। इसी फिल्म के एक गाने ने जैसे किस्मत बदल दी।

गाने के बनने के पीछे की कहानी काफी दिलचस्प

फिल्म में ‘डार्लिंग’टाउटल वाला एक दमदार गाना है जिसे ऊषा ने ही गाया है। उनके साथ रेखा भारद्वाज (Rekha Bhardwaj) ने भी इस गाने को गाया जो हिट रहा। गाने के बनने के पीछे की कहानी काफी दिलचस्प बताई जाती है।

विशाल भारद्वाज ने उनसे पूछा था कि क्या वह एक्टिंग करना चाहेंगी?

सिंगर ऊषा उत्थुप को अपनी फिल्म ‘7 खून माफ’ में एक्टिंग का ऑफर विशाल भारद्वाज ने दिया था और उनसे पूछा था कि क्या वह एक्टिंग करना चाहेंगी? ऊषा इस फिल्म को करने के लिए तैयार हो गईं। इस फिल्म ‘7 खून माफ’ की कहानी रस्किन बॉन्ड की स्टोरी ‘सुजानाज सेवन हसबैंड्स’ पर बेस्ड है।

उनका किरदार सुजाना कुल 7 शादियां करती है

विशाल भारद्वाज की इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा लीड रोल में नजर आई हैं, जिसमें वो उनका किरदार सुजाना कुल 7 शादियां करती है और अपने पतियों को मार देती है। इसी में से एक पति के किरदार का नाम अलेक्जेंडर है जो रूसी है। बताया जाता है कि इसी किरदार को लेकर ऊषा उत्थुप के दिमाग में एक रूसी धुन आया और उन्होंने इसे विशाल भारद्वाज के साथ शेयर किया। उनकी बातें सुनते ही विशाल ने उनसे इसपर एक गाना तैयार करने को कहा।

बेहद मशहूर और पारंपरिक फोक सॉन्ग

रूसी धुन से बना आइकोनिक गाना ‘डार्लिंग’ वहां के एक बेहद मशहूर और पारंपरिक फोक सॉन्ग से है, जिसका नाम है ‘कालिन्का’ है। बताया जाता है कि ‘कालिन्का’ को साल 1860 में रूसी संगीतकार और लोक-साहित्यकार इवान लारियोनोव ने लिखा था। दरअसल रूस में इस गाने को काफी पवित्र माना जाता है और ये फेमस है।

इस गाने के लिए ऊषा उत्थुप को अवॉर्ड भी मिला

बताते हैं कि इस गाने को अक्सर रूसी सेना के कॉयर (Red Army Choir) गाया करते हैं और इसे आज भी वहां कुछ खास मौकों पर गाया जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऊषा उत्थुप ने इसी गाने की धुन को सोचते हुए ‘डार्लिंग’गाना बना दिया, जो कल्ट बन गया और ब्लॉकबस्टर हुआ। इसके बाद इस गाने के लिए ऊषा उत्थुप को अवॉर्ड भी मिला। विशाल भारद्वाज ने फिल्म की एल्बम और क्रेडिट रोल्स में आधिकारिक तौर पर ‘कालिन्का’ और उसके रूसी ओरिजिन को पूरा क्रेडिट देते हुए इसका इस्तेमाल किया था।

‘7 खून माफ’ के अलावा भी की हैं कई फिल्में

ऐसा नहीं कि ऊषा ने ‘7 खून माफ’ में पहली बार एक्टिंग की हो। इससे पहले उन्होंने 2006 में मलयालम फिल्म ‘पोथन वावा’ में कुरीसुवेटिल मरियम्मा के रूप में एक्टिंग की। उन्होंने फिल्म ‘बॉम्बे टू गोवा’ में भी एक छोटी सी भूमिका निभाई । इसके बाद साल 2007 में, वह अंजुन दत्त निर्देशित फिल्म ‘बो बैरक्स फॉरएवर’ में भी नजर आईं। उसी साल वह ‘हैट्रिक’ के म्यूजिक वीडियो में भी नजर आईं।

एक छोटे से नाइट क्लब में उन्होंने गाना शुरू किया

ऊषा के शुरुआती करियर की बात करें तो उन्होंने 1969 में चेन्नई में अपने संगीत करियर की शुरुआत की। माउंट रोड पर स्थित सफायर थिएटर कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में नाइन जेम्स नामक एक छोटे से नाइट क्लब में उन्होंने गाना शुरू किया। ऊषा इस दौरान साड़ी और लेग कैलिपर्स पहना करती थीं। उनके परफॉर्मेंस को इतनी सराहना मिली कि नाइट क्लब के मालिक ने उन्हें एक सप्ताह तक वहीं रहने के लिए कहा।

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