डीएपी के नाम पर हो रही थी ठगी, खारीबहार में 17.1 टन अवैध उर्वरक जब्त, 342 बोरी सील कर जांच शुरू

जशपुरनगर, किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर रोहित व्यास एवं उप संचालक कृषि एम.आर. भगत के मार्गदर्शन में कृषि विभाग पत्थलगांव एवं फरसाबहार की संयुक्त टीम ने विकासखंड फरसाबहार के ग्राम पंचायत खारीबहार में बड़ी छापामार कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित उर्वरक का भंडाफोड़ किया है। 

संयुक्त टीम द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान एक मकान में भारी मात्रा में उर्वरक का अवैध भंडारण पाया गया। जांच में कुल 342 बोरी लगभग 17.1 टन भूमि शक्ति (ऑर्गेनिक ग्रेन्युलर) उर्वरक बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि उक्त उर्वरक को किसानों के बीच डीएपी खाद के नाम पर बेचा जा रहा था, जिससे किसानों को भ्रमित कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने की आशंका थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी पत्थलगांव राकेश पैंकरा द्वारा मौके पर पहुंचकर संपूर्ण उर्वरक भंडारण को सील कर दिया गया। साथ ही आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए जब्ती प्रकरण तैयार कर आगे की कार्रवाई हेतु कार्यालय उप संचालक कृषि, जशपुर को प्रेषित किया जा रहा है।

उप संचालक कृषि विभाग ने बताया कि किसानों को केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक एवं कृषि आदान क्रय करना चाहिए तथा खरीद के समय पक्की रसीद अवश्य प्राप्त करनी चाहिए। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल कृषि विभाग को देने की अपील भी की गई है। इस छापामार कार्रवाई में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नन्दे भगत, उर्वरक निरीक्षक देवकांत अजगल्ले, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी किशन कुशवाहा एवं मुकेश सिंह सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *