ईरान की नाक के नीचे होर्मुज स्‍ट्रेट से अमेरिका ने चुपचाप निकाले 70 जहाज, मुंह देखती रह गई IRGC, झटका

तेहरान/दुबई: अमेरिका और ईरान सीजफायर के बाद भी लगातार एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। होर्मुज स्‍ट्रेट में ईरान की बारुदी सुरंगों और सेना की रोक के बाद सैकड़ों जहाज दोनों तरफ फंसे हुए हैं। इस बीच अमेरिका ने भी अपनी नाकेबंदी को कड़ा कर दिया है और ईरान के जहाजों को होर्मुज से जाने से रोक रहा है। अमेरिका ने तो ईरान जा रहे एक जहाज के इंजन तक को उड़ा द‍िया है। इस बीच न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के सेंट्रल कमांड ने पिछले 3 सप्‍ताह के अंदर 70 व्‍यवसायिक जहाजों को होर्मुज स्‍ट्रेट से निकालने में मदद की है। वह भी तब जब इस संकरे रास्‍ते में ईरान ने हर जगह पर बारुदी सुरंगें बिछा रखी हैं।

न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने 70 जहाजों को होर्मुज स्‍ट्रेट से निकाला। इसमें कई जहाज होर्मुज से होते हुए अंदर गए और कई बाहर आए हैं। अमेरिका के एक अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर यह जानकारी दी है। इनमें से ज्‍यादातर जहाजों ने अपने ट्रांसपोंडर को बंद कर दिया था ताकि उनकी पहचान नहीं की जा सके। अमेरिकी अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि इन जहाजों ने कौन सा रास्‍ता अपनाया और किसी तरह के जहाज होर्मुज से गुजरे हैं। हालांकि एक अधिकारी ने बताया कि ये जहाज ईरान के तट के पास से नहीं गुजरे हैं।

होर्मज में खतरा उठाने को तैयार कई कंपनियां

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ये जहाज ईरानी ड्रोन और मिसाइल के हमले के खतरे के बीच निकाले गए हैं। एक्‍सपर्ट का कहना है कि यह रास्‍ता ओमान के पास से हो सकता है। अमेरिका और इजरायल के हमले के पहले होर्मुज से 100 व्‍यवसायिक जहाज हर दिन निकलते थे लेकिन अब अमेरिका की मदद से हर दिन लगभग 3 जहाज निकले हैं। विश्‍लेषकों का कहना है कि कुछ जहाज मालिक खतरा उठाने को तैयार हैं और होर्मुज में अपना जहाज भेज रहे हैं और वहां से निकाल रहे हैं। इनमें से कई जहाज तो कई सप्‍ताह से फंसे हुए हैं।इस बीच ईरान के एक अमेरिकी ‘प्रीडेटर’ ड्रोन को मार गिराए जाने के बाद अमेरिका ने ईरानी रडार और ड्रोन नियंत्रण स्थलों पर बमबारी की है। अमेरिका की सेना ने सोमवार को यह जानकारी दी है। ईरान ने भी जवाबी हमला करने की बात स्वीकार की। इस बीच कुवैत ने कहा कि उस पर ड्रोन एवं मिसाइल हमले किए गए जिन्हें उनके लक्ष्य तक पहुंचने से रोकने के लिए उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने कार्रवाई शुरू कर दी। ये हमले ईरान युद्ध में कई सप्ताह से लागू युद्धविराम की नाजुक स्थिति को दर्शाते हैं। अमेरिकी और ईरानी अधिकारी इस युद्धविराम की अवधि को बढ़ाने के लिए समझौते पर बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद हमले लगातार जारी हैं।

होर्मुज पर अपना ‘कब्‍जा’ बनाए हुए है ईरान

ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ बनाए हुए है जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई है। कभी फारस की खाड़ी के इस संकरे मुहाने से तेल और प्राकृतिक गैस के वैश्विक कारोबार का पांचवां हिस्सा गुजरता था। इस बीच, स्थिति लगातार और चिंताजनक हो रही है। इजराइल ने लेबनान में लितानी नदी से आगे भी कब्जा कर लिया है, जबकि उग्रवादी समूह हिजबुल्ला इजराइल में ड्रोन हमले जारी रखे हुए है। अमेरिकी सेना की ‘सेंट्रल कमांड’ ने कहा कि उसने शनिवार और रविवार को ईरान में गेरुक शहर और केशम द्वीप के आसपास हमले किए।‘सेंट्रल कमांड’ ने कहा, ‘सीमित और सोच-समझकर किए गए ये हमले ईरान की आक्रामक कार्रवाइयों के जवाब में किए गए जिनमें अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी ड्रोन को मार गिराना शामिल है।’ उसने कहा, ‘अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों, एक जमीनी नियंत्रण केंद्र और दो ऐसे ड्रोन को नष्ट कर दिया जो क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहे पोतों के लिए स्पष्ट खतरा पैदा कर रहे थे।’

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