MR सहित दर्जनभर लोगों से 1 करोड़ 77 लाख की ठगी, FIR दर्ज
रायगढ़। जिले में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव और उसके साथियों के साथ 1.77 करोड़ की ठगी हुई है। आरोप है कि शेयर ट्रेडिंग के नाम पर डीमैट अकाउंट खुलवाने का झांसा देकर उनसे बड़ी रकम इन्वेस्ट कराया गया। पीड़ितों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दरोगापारा निवासी संजय मिश्रा (42) मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का काम करते हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि साल 2022 में उनकी मुलाकात पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के ईटला कोरापारा कलीराहाट निवासी विश्वजीत देवनाथ से हुई थी।
विश्वजीत ने खुद को एलईडी बल्ब मैन्युफैक्चरिंग और शेयर मार्केट ट्रेडिंग का कारोबारी बताते हुए संजय को इन्वेस्टमेंट का प्रस्ताव दिया।
उसने कहा कि इन्वेस्टमेंट करने पर शेयर मार्केट में डीमैट अकाउंट खोलकर हर महीने 6 प्रतिशत ब्याज और मूलधन का 10 प्रतिशत हिस्सा वापस किया जाएगा।
विश्वजीत की बातों पर भरोसा कर संजय ने आईसीआईसीआई बैंक, रायगढ़ से 12 लाख रुपये का लोन लिया और उसके बताए अनुसार जीटीजी प्रोडक्ट सर्विस के खाते में राशि जमा कर दी।
निवेश के बाद शुरुआती 4 से 5 महीनों तक उन्हें नियमित रूप से ब्याज का भुगतान भी मिलता रहा, जिससे उनका भरोसा और बढ़ गया।
कुछ समय बाद विश्वजीत देवनाथ ने संजय मिश्रा को निवेश से मिलने वाली 11 प्रतिशत राशि को दोबारा निवेश करने की सलाह दी। उसके झांसे में आकर संजय ने यह जानकारी अपने परिचितों और साथियों को भी दी। इसके बाद संजय मिश्रा समेत विकास साहू, राकेश कुमार मनहर, रितेश साव, देव कश्यप, सुनील पाणिग्राही, शिशुपाल, कृष्णा पांडेय, कृष्णा द्विवेदी, राकेश सरकार, लोचन पटेल, मनील गुप्ता, श्रीमंत मिश्रा और अजय वर्मा ने मिलकर कुल 1 करोड़ 77 लाख 10 हजार रुपए इन्वेस्ट कर किए।
बाद में संजय और उसके साथियों को जानकारी मिली कि शेयर ट्रेडिंग और ट्रांजेक्शन के लिए डीमैट अकाउंट होना आवश्यक है। विश्वजीत देवनाथ ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि वह सभी का डीमैट अकाउंट खुलवाएगा, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी डीमैट अकाउंट खुलने से संबंधित कोई दस्तावेज या जानकारी उन्हें नहीं दी गई।
