मनरेगा की आजीविका डबरियां बन रहीं ग्रामीण समृद्धि का आधार
रायपुर। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में ग्रामीण विकास और आजीविका संवर्धन की दिशा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) बहुआयामी परिवर्तन का माध्यम बन रही है। योजना के तहत निर्मित ‘आजीविका डबरियां’ जल संरक्षण के साथ किसानों की आय बढ़ाने, भू-जल संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम अडची के किसान देवानंद इसकी जीवंत मिसाल बनकर उभरे हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति मनरेगा से निर्मित एक डबरी ने बदल दी है।
जनपद पंचायत अम्बिकापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत अडची निवासी किसान देवानंद ने वर्ष 2025-26 में अपने खेत में आजीविका डबरी निर्माण का प्रस्ताव रखा था। ग्राम पंचायत द्वारा मनरेगा के अंतर्गत 2 लाख रुपये की लागत से 17×19 मीटर आकार की डबरी का निर्माण कराया गया। निर्माण कार्य के दौरान ग्रामीण मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला, वहीं देवानंद को खेती और अतिरिक्त आय के नए अवसर प्राप्त हुए।
मनरेगा के अंतर्गत निर्मित आजीविका डबरियां आज ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी मॉडल बनकर उभर रही हैं। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि जल सुरक्षा और सतत ग्रामीण विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
