‘मोदी जी अपराधियों को रिहा कर दो’, Hina Khan की शिल्पा शिंदे के बदमिजाज-बेतुके बोल पर दो टूक
एक प्रोड्यूसर के खिलाफ झूठे यौन उत्पीड़न केस के खुलासे पर अब शिल्पा शिंदे और हिना खान के बीच युद्ध छिड़ गया है। दोनों नाम लिए बिना एक-दूसरे के खिलाफ खूब बयानबाजी कर रही हैं और तंज कस रही हैं। अब हिना ने एक अजीब पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति और कानून मंत्री से अनुरोध किया कि उन सभी मुजरिमों को छोड़ दिया जाए, जिन्होंने अपराध करने के बाद अपना जुर्म कबूल किया। इसके जरिए हिना ने शिल्पा शिंदे पर तंज कसा है।
दरअसल, शिल्पा शिंदे ने हाल ही खुलासा किया कि उन्होंने अपने शो ‘भाबीजी घर पर हैं!’ के प्रोड्यूसर संजय कोहली पर यौन उत्पीड़न के झूठे आरोप लगाए थे और केस कर दिया था। उन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं थी। इस पर विवाद हुआ, तो शिल्पा ने यह कहते हुए सफाई दी कि उस वक्त उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा था और इसलिए ‘साम, दाम, दंड, भेद’ की रणनीति अपनाना मजबूरी थी। वह झूठ के सहारे नहीं जी सकतीं और इसलिए अब सच बोल रही हैं।
हिना खान की बीमारी का बनाया मजाक
यही नहीं, जब हिना खान ने शिल्पा शिंदे की हरकत को ‘शर्मनाक’ बताया, तो एक्ट्रेस ने उनकी बीमारी का ही मजाक बना दिया और कहा कि जिन लोगों की मौत हुई है, वो उनसे और अपनी बीमारी से पब्लिसिटी लें। वरना उनके पास ऐसे सबूत हैं कि दिखा देंगी, तो उस इंसान से नफरत हो जाएगी, जो अब इस दुनिया में नहीं है। इसी पर हिना ने पलटवार किया है।
हिना खान का शिल्पा शिंदे के बेतुके बयान पर पलटवार
हिना खान ने तीन इंस्टाग्राम स्टोरी शेयर की हैं, जिनमें से एक में उन्होंने इस बात की ओर भी ध्यान दिलाया कि इस तरह के झूठे आरोपों से असली पीड़ितों को कितना नुकसान पहुंचता है। हिना के मुताबिक, ऐसे झूठे आरोप और केस उन महिलाओं के लिए बहुत ही निराशाजनक हैं, जिनके पास कोई प्लेटफॉर्म या सपोर्ट सिस्टम नहीं है। साथ ही उन महिलाओं पर भी गुस्सा निकाला, जो झूठा केस करने के लिए शिल्पा शिंदे की तारीफ कर रही हैं।
शिल्पा का सपोर्ट करने वाली महिलाओं पर बरसीं
हिना खान ने पहली इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, ‘मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि महिलाएं इस तरह के बेतुके और घिनौने काम का समर्थन कर रही हैं, सिर्फ इसलिए कि उनकी समर्थक महिला ने इसे स्वीकार किया है। अरे यार, यह तो अपराध है। अगर पीड़ित शर्म से आत्महत्या कर लेता या उसकी शादी टूट जाती तो क्या होता? क्या तुम लोग पागल हो गए हो? खासकर हमारी इंडस्ट्री की महिलाओं को यह समझना चाहिए कि यह हरकत हम सभी के व्यवहार को दर्शाती है। वैसे भी, महिलाओं को हर कदम पर कलंक और कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अगर हम आवाज नहीं उठाएंगे और इसका विरोध नहीं करेंगे, तो झूठ बोलने वाली और पैसे के लिए अपने जेंडर का इस्तेमाल करने वाली महिला होना भी इस लिस्ट में जुड़ जाएगा।’
‘समान होने के लिए अपनों की गलती के खिलाफ भी आवाज उठानी होगी’
हिना खान ने शिल्पा शिंदे पर निशाना साधा, तो एक्ट्रेस के फैंस उनके खिलाफ हो गए और आलोचना करने लगे। हिना ने उन्हें भी जवाब दिया और लिखा, ‘और बाकी ट्रोल कैटेगरी के लोग, जो भ्रम में जीते हैं, हाइप चेज करते हैं, ऐसे मूर्ख लोगों को पहले अपना खुद का आचरण देखना चाहिए। फेमिनिजम का मतलब है है समानता और बराबरी। और समान होने के लिए हमें अपनों की गलती के खिलाफ भी आवाज उठानी होगी। मैं तभी एक अच्छी महिला बन सकती हूं, जब मैं एक अच्छी इंसान बनूं। और भगवान के लिए, प्लीज बिग बॉस को भूल जाओ, 9 साल बीत चुके हैं। हम सब गलतियां करते हैं, लेकिन हम हर गुजरते दिन के साथ खुद को बेहतर बनाने के लिए सीखते भी हैं। यह हिना vs XYZ की बात नहीं है। बिग बॉस के बाद मैंने उसके खिलाफ कभी एक शब्द भी नहीं कहा। सच कहूं तो मुझे कोई दिलचस्पी नहीं है।’
‘धोखेबाज औरत, जिसने कुछ पैसों के लिए अपनी बॉडी का गलत इस्तेमाल किया’
हिना खान ने कहा कि शिल्पा शिंदे ने जो झूठे आरोप लगाए, उसका असर उन पर पड़ेगा जो #meetoo का शिकार हुए। हिना के मुताबिक, एक एक्ट्रेस के एक गलत काम ने उन सभी महिलाओं को शक के कटघरे में ला खड़ा किया है, जो सच्ची हैं। उनके मुताबिक, इससे कानून का मजाक बना है। हिना खान ने लिखा, ‘बेशक, उन्होंने जो किया उससे ‘मी टू’ जैसे आंदोलनों की गंभीरता कम हो जाती है, और जिस तरह से उन्होंने अभी बेपरवाह होकर, बिना किसी लाग-लपेट के, बिना किसी पछतावे के और सबको हैरान करते हुए अपनी गलती स्वीकार की है, उससे लोग आसानी से कह देते हैं, ‘वो भी!’ (SHE TO0) वो भी एक और धोखेबाज औरत है, जिसने सत्ता, सार्वजनिक प्रतिष्ठा और प्रसिद्धि का फायदा उठाने के बाद, कुछ पैसे हासिल करने के लिए अपनी बॉडी का गलत इस्तेमाल किया। यह हम सभी के लिए, खासकर उन सभी महिलाओं के लिए बेहद निराशाजनक है जिनके पास कोई पावर, कोई पोजिशन, कोई पब्लिक इमेज, कोई प्रसिद्धि, कोई मीडिया कवरेज, कोई सोशल मीडिया फैन क्लब और कोई सपोर्ट सिस्टम नहीं।’
‘उनके जैसी महिलाएं असली पीड़ितों की आवाज को दबा देती हैं’
हिना खान ने आगे लिखा, ‘यही कारण है कि स्वार्थ के लिए महिलाओं को नुकसान पहुंचाने के लिए महिलाओं को ही दोषी ठहराया जाता है। उनके जैसी महिलाएं असली पीड़ितों की आवाज को दबा देती हैं। उनके जैसी महिलाएं कानून और व्यवस्था का मजाक उड़ाती हैं। कुछ महिलाएं जो वास्तव में यौन उत्पीड़न का सामना करती हैं, वो इसे शब्दों में बयां भी नहीं कर पातीं, और जो करती हैं, वो इसे साबित नहीं कर पातीं। क्या इस पर इतनी आसानी से गर्व करना उन पुरुषों के बराबर नहीं है जो लैंगिक अपराधों को जायज ठहराते हैं? क्या हम इन सब को सामान्य बना रहे हैं? जैसा कि मैंने कहा, यहां मजाक हम पर ही भारी पड़ रहा है।’
