दूरस्थ वनांचल क्षेत्र के बच्चों की नैसर्गिक क्षमता, प्रतिभा एवं आत्मविश्वास हो रहा अभिव्यक्त : डॉ. रमन सिंह

राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज स्पीकर हाऊस राजनांदगांव में छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के प्रतिभावान विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य हेतु आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज यहां दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों से आए वनांचल क्षेत्रों के प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त किया है। ऐसे बच्चों को मंच में सुनकर यह महसूस होता है कि एक आत्मविश्वास कैसे जाग्रत होता है। दूरस्थ वनाचंल क्षेत्रों में उनके अभिभावक तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य करते हैं। जहां सुविधाओं की कुछ कमी के बावजूद ये अपने परिश्रम से उत्कृष्ट अंक लेकर आते है और अध्ययन के क्षेत्र में शहर के बच्चों को चुनौती देते हंै तथा आगे बढ़ते हैं। जो उनकी नैसर्गिक क्षमता, प्रतिभा एवं आत्मविश्वास को अभिव्यक्त करती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि लक्ष्य बनाकर चलें और मेहनत एवं लगन से पढ़ाई करें। उन्होंने कहा कि केवल डॉक्टर व इंजीनियरिंग ही नहीं बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में प्रोफेसर, वकील, शिक्षक एवं समाज के अन्य क्षेत्रों में सेवा करते हुए देश के विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने बताया कि वनवासी भाई-बहनों के तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान कंकड़ के चुभने से संक्रमण फैल जाता था। इससे बचाव के लिए चरण पादुका योजना लायी गई। जंगल में निवास करने वाले वनवासियों को चप्पल दिए गए। उन्होंने बताया कि प्रयास विद्यालय दंतेवाड़ा में प्रारंभ किया गया था एवं एजुकेशन हब के माध्यम से बड़ी संख्या में बच्चे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तेंदूपत्ता की दर में वृद्धि की गई है। प्रतिमानक दर 1000 रूपए से बढ़ाकर 5500 रूपए की गई है। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सफलता के नए आयाम प्राप्त करें। विधानसभा अध्यक्ष ने इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने बालिका नम्रता नेताम एवं प्रेरणा साहू को नि:संकोच होकर आत्मविश्वास के साथ अपनी बात कहने के लिए हौसला बढ़ाया। बालिकाओं ने बताया कि वे डॉक्टर बनना चाहती हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि डॉक्टर बनने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर अपनी सेवाएं दें। विधानसभा अध्यक्ष ने हितेश को लकी क्वाईन दिया और अच्छे से मन लगाकर पढऩे के लिए कहा।  

महापौर  मधुसूदन यादव ने कहा कि तेंदूपत्ता के लाभांश की राशि छात्रवृत्ति की राशि का सदुपयोग करते हुए बच्चे अध्ययन कर रहे हैं। शासन की योजना अंतर्गत चरण पादुका, साड़ी वितरण, शिक्षा प्रोत्साहन योजना, प्रयास आवासीय विद्यालय के माध्यम से वनवासियों के जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए कार्य किया गया। वही बच्चों की शिक्षा के लिए भी कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार जनमानस के जीवन स्तर को अच्छा बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बच्चों से कहा कि अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति से आगे बढ़ें और विभिन्न क्षेत्रों में सेवा देकर देश सेवा का कार्य करें। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव ने कहा कि वनांचल क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा देने के लिए छात्रवृत्ति हेतु शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत अच्छी पहल की गई है। जिससे शैक्षणिक कार्य में बच्चों को मदद मिल रही है। आर्थिक तौर पर कमजोर तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के लिए यह राशि मददगार है।

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