अजय देवगन की जीप के सामने आ गया बच्चा, लोगों ने जमकर की थी कुटाई! ‘फूल और कांटे’ में अक्षय थे हीरो
बॉलीवुड के ‘सिंघम’ अजय देवगन 57 साल के हो गए हैं। बीते 35 साल में 100 से भी अधिक फिल्मों के बूते उनका एक अपना स्टारडम बना है। एक ऐसा एक्टर, जिसकी आंखें बोलती नहीं चीखती हैं और डायलॉग्स से ज्यादा घाव करती हैं। बात गंभीर फिल्मों की हो, एक्शन की या फिर कॉमेडी की, अजय हर किरदार में जमते हैं। 2 अप्रैल 1969 को पैदा हुए अजय देवगन उन चुनिंदा सितारों में से भी हैं, जिनके सबसे अधिक ‘डुप्लिकेट’ देखने को मिल जाते हैं। वह इस फेहरिस्त में अमिताभ बच्चन, देवानंद और अनिल कपूर को भी मात देते हैं। एक्शन डायरेक्टर वीरू देवगन के बेटे अजय के बारे में आज हम आपको एक दिलचस्प किस्सा सुनाने जा रहे हैं, यह किस्सा उनके कॉलेज के दिनों का है। अजय के ही शब्दों में कहें तो वह उन दिनों ‘खूब आवारागर्दी’ करते थे। कॉलेज में उनका खुद का गैंग हुआ करता था। लेकिन एक दिन वो भी आया, जब 20-25 लोगों की भीड़ ने अजय देवगन की सरेआम बीच-सड़क पर खूब कुटाई की।
अजय देवगन का असली नाम विशाल वीरेंद्र देवगन है। चार बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार फिल्मफेयर अवॉर्ड जीत चुके अजय को, साल 2016 में भारत सरकार ने चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म श्री से नवाजा। यह किस्सा तब का है, जब अजय फिल्मों में नहीं आए थे। उन्होंने 1991 में ‘फूल और कांटे’ फिल्म से डेब्यू किया था। आगे हम इस फिल्म में उनकी कास्टिंग का मजेदार किस्सा भी बताएंगे, क्योंकि यह फिल्म पहले अक्षय कुमार को ऑफर हुई थी। खैर, शुरू से शुरू करते हैं-
कॉलेज में करते थे आवारागर्दी, दोस्तों का गैंग, दो बार गए जेल
यह वह दौर था, जब वह अजय देवगन नहीं, विशाल देवगन थे। कॉलेज में पढ़ते थे। वह खुद बताते हैं कि उन दिनों जवानी के जोश में उन्हें बहुत गुस्सा आता था। वह कॉलेज में कैंपस वाली गुंडागर्दी किया करते थे। उनका दोस्तों का एक गैंग था। कॉलेज के स्टूडेंट्स इस गैंग से घबराते थे। दोस्तों संग कैंपस की यह आवारागर्दी में सड़कों पर स्टंट भी शामिल था। इस वजह से उन्हें दो बार जेल भी जाना पड़ा था।
अजय की सफेद जीप, संकरी गली और वो बच्चा
अजय याद करते हैं कि उन दिनों उनके पास एक सफेद जीप हुआ करती थी। एक दिन वह अपने दोस्तों को साथ लेकर यूं ही घूमने निकले थे। रास्ते में अचानक एक पतली सी गली आई और अजय ने अपनी जीप उस गली में घुसा दी। रफ्तार तेज थी और तभी एक कटी हुई पतंग के पीछे भाग रहा बच्चा उनके सामने आग गया। किस्मत अच्छी थी, अजय ने वक्त रहते जोर से ब्रेक अलाया। जीप रुक गई। बच्चा बाल-बाल बच गया। लेकिन घबराहट में वह रोने लगा। देखते ही देखते वहां लोकल लोगों की भीड़ जमा हो गई।
बच्चा रोने लगा, 20-25 लोगों ने अजय और दोस्तों को जमकर कूटा
अजय और उनके दोस्तों ने बच्चे को चुप कराने की कोशिश की। स्थानीय लोगों को भी समझाया। लेकिन मामला बढ़ गया। बात गाली तक पहुंच गई। बताया जाता है कि 20-25 लोगों ने अजय और उनके दोस्तों को पीटना शुरू कर दिया। कॉलेज वाली यह गैंग भी नौजवान थी। गर्म खून था, इसलिए मामला दोनों तरफ से बढ़ा। लेकिन उधर वाली भीड़ ज्यादा थी, इसलिए अजय और उनके दोस्त नाकाफी साबित हुई। कॉलेज के इन लड़कों की करीब 10-15 मिनट तक जमकर कुटाई हुई। मजेदार बात ये कि पिटने वाले इन दोस्तों में डायरेक्टर और टीवी शो होस्ट साजिद खान भी थे।
वीरू देवगन ने बेटे को बचाने के लिए भेजे 100 फाइटर
खैर, अजय के इस झगड़े और पिटाई की खबर उनके पिता वीरू देवगन को लगी। उन्होंने आनन-फानन में फिल्म के सेट से अपने करीब 100-150 फाइटर्स बेटे को बचाने के लिए भेजे। हालांकि तब तक मामला शांत हो चुका था। लेकिन जब फाइटर्स की टीम पहुंची तो अजय और उनके दोस्तों ने उन लोकल लोगों को खूब हड़काया।
दिल्ली में पैदा हुए थे अजय देवगन
अजय देवगन का जन्म दिल्ली में हुआ था। परिवार भी राष्ट्रीय राजधानी में ही रहता था। लेकिन फिर वीरू देवगन के हीरो बनने के सपने ने उन्हें मुंबई बुला लिया। हालांकि, वह हीरो नहीं बन सके। लेकिन अपने दौर के सबसे मशहूर स्टंट मास्टर और एक्शन डायरेक्टर बने। वैसे, हीरो बनने का जो ख्वाब पिता का था, उसे जाने-अनजाने में बेटे ने पूरा किया। अजय देवगन की डेब्यू फिल्म ‘फूल और कांटे’ में कास्टिंग का किस्सा भी कम मजेदार नहीं है।
डायरेक्ट कुक्कू कोहली, अक्षय कुमार और दफ्तर में वो तस्वीर
‘फूल और कांटे‘ के डायरेक्ट कुक्कू कोहली थे। वह एक एक्शन-रोमांटिक फिल्म बनाना चाहते थे। बताया जाता है कि उन्होंने पहले इस फिल्म में अक्षय कुमार को करीब-करीब कास्ट कर लिया था। लेकिन पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने अक्षय को दोबारा स्क्रीनटेस्ट के लिए बुलाया था। लेकिन इस बीच वह वीरू देवगन से मिलने उनके ऑफिस पहुंचे। इस फिल्म के एक्शन और स्टंट वीरू देवगन ने ही कोरियोग्राफ किए थे। जब कुक्कू और वीरू फिल्म के सीन पर चर्चा कर रहे थे, तभी डायरेक्टर साहब की नजर दफ्तर में लगी अजय के फोटो पर पड़ी। कुक्कू ने कुछ देर तक उस तस्वीर को गौर से देखा और फिर वो बोले- वीरू, अब तुम्हारा बेटा ही मेरी फिल्म में हीरो बननेगा। तैयार कर लो उसे।
अजय देवगन को ऑडिशन में मिला अमिताभ बच्चन का डायलॉग
जी हां, यही हुआ था। अगले दिन कुक्कू कोहली ने अजय को अपने ऑफिस बुलाया। उनका ऑडिशन लिया। ऑडिशन में उन्हें अमिताभ बच्चन का फिल्म ‘ज़ंजीर’ का मशहूर पुलिस स्टेशन वाला डायलॉग बोलकर सुनाने को कहा गया। अजय रोल में फाइनल हो गए और अक्षय कुमार का पत्ता कट गया। उन्हें फोन पर स्क्रीनटेस्ट के लिए नहीं आने को कहा गया। इस तरह 23 साल की उम्र में विशाल देवगन बड़े पर्दे का अजय देवगन गया।
दोस्तों ने उड़ाई हंसी, पर उस लड़की ने कहा- तू स्टार बनेगा
वैसे, जब अजय ने अपने दोस्तों को फिल्म में हीरो बनने की बात बताई तो सब उन पर खूब हंसे। कइयों ने तो उनके लुक का मजाक भी बनाया कि ‘भाई, तू हीरो जैसा तो नहीं लगता।’ लेकिन दोस्तों की उसी टुकड़ी में एक लड़की भी थी, जिसे विशाल देवगन पर पूरा भरोसा था। उसने हौसला दिया। कहा कि ‘तू एक दिन बड़ा स्टार बनेगा।’ यह लड़की थी साजिद खान की बहन और मशहूर कोरियोग्राफर, डायरेक्टर फराह खान।
