खामेनेई पर होगा जानलेवा हमला… ईरान को सता रहा सुप्रीम लीडर की हत्या का डर, 2 देशों पर लगाया साजिश रचने का आरोप

तेहरान: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या की जा सकती है। ईरान की इंटेलिजेंस मिनिस्ट्री ने कहा है कि खामेनेई की हत्या और देश को अस्थिर करने की साजिश रची जा रही है। इस कथित साजिश में अमेरिका और इजरायल शामिल हैं। इंटेलिजेंस मिनिस्टर इस्माइल खतीब ने स्पष्टतौर पर कहा कि दुश्मन देश सुप्रीम लीडर को निशाना बनाना चाहते हैं। ये चेतावनी ऐसे समय आई है, जब ईरान की इजरायल और अमेरिका से तनातनी बढ़ी हुई है। दोनों देशों से इस साल ईरान का सैन्य संघर्ष हो चुका है।

ईरान की ISNA न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इंटेलिजेंस मिनिस्टर इस्माइल खतीब ने शनिवार को कहा कि दुश्मन देश सुप्रीम लीडर की हत्या की कोशिश और हमलों से तेहरान को निशाना बनाने में लगा है। ये पहली बार नहीं है, जब तेहरान की ओर से विदेशी ताकतों पर देश और खामेनेई के खिलाफ साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं। ईरान की ओर से अमेरिका और इजरायल पर इल्जाम लगाए जाते रहे हैं। अमेरिका और इजरायल भी ईरान पर तमाम आरोप लगाते हैं।

अस्थिरता की कोशिश में विदेशी ताकत

खतीब ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग जाने-अनजाने में इस दिशा में काम करते हैं, वे दुश्मन के घुसपैठ करने वाले एजेंट हैं। उन्होंने सीधे-सीधे इजरायल और अमेरिका का नाम लिया। उन्होंने कहा कि इन देशों का मकसद ये है कि तेहरान की सत्ता को अस्थिर कर दिया जाए। ईरान में राजनीतिक उथल-पुथल की कोशिश में इजरायल और तेहरान लगे हैं।इंटेलिजेंस मिनिस्ट्री से पहले ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन भी कह चुके हैं कि उन्हें अपने सुप्रीम लीडर की सुरक्षा की चिंता है। इस जुलाई में खामेनेई ने खुद भी कहा था कि इजरायल का उनके देश पर हमलों का मकसद अशांति फैलाना और लोगों को सड़कों पर लाकर सिस्टम को उखाड़ फेंकना था। इसकी कोशिश की गई लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली।

इजरायल-ईरान तनाव

86 साल के खामेनेई 1989 से सुप्रीम लीडर हैं। वह देश के सभी मामलों पर आखिरी अधिकार रखते हैं। ऐसे में ये माना जाता है कि ईरान में उनके रहते हुए किसी तरह के सत्ता परिवर्तन की कोशिश बहुत मुश्किल है। इसके चलते अमेरिका और इजरायल पर अयातुल्लाह खामेनई की हत्या की कोशिश के आरोप लगते रहे हैं।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर इजरायल और अमेरिका आक्रामक हैं। इस साल जून में इजरायल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाकर भीषण हमले किए थे। इजरायल और ईरान के बीच 24 जून से सीजफायर लागू है। हालांकि सीजफायर के बावजूद दोनों देशों में तनातनी देखी जा रही है।

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