मंदिरों से जूलरी की चोरी कर गुजरात में अर्धनारीश्वर बन जाता था चोर, फिर ‘भगवान’ बनकर देता था दर्शन

धार: मध्य प्रदेश की धार पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने एक चोर को गिरफ्तार किया है। वह प्रदेश के अलग-अलग मंदिरों में चोरी करता था। इसके बाद गुजरात जाकर अर्धनारीश्वर का रूप धारण कर लेता था। फिर मंदिर के सामने बैठकर खुद को भगवान बताता था। इस नाम पर वह लोगों की भावनाओं से खेलता था।

मंदिरों में लगातार हो रही थी चोरी

दरअसल, मालवा क्षेत्र के मंदिरों में लगातार चोरी हो रही थी। पीथमपुर पुलिस ने इन चोरी के मामलों में खुलासा करते हुए खेमराज चौहान को गिरफ्तार किया है। तीन महीने के अंदर उसने धार और इंदौर जिले के कुल आठ मंदिरों में चोरी की थी। इन जगहों से जूलरी और सामानों की चोरी करता था।

अर्धनारीश्वर का धर लेता था रूप

वहीं, इन मंदिरों में चोरी के बाद खेमराज चौहान गुजरात चला जाता था। गुजरात स्थित मेडली माता और पावागढ़ माताजी मंदिर में वह अर्धनारीश्वर का रूप धारण कर लेता था। मंदिरों से चोरी की गई जूलरी को धारण कर धार्मिक आस्था का प्रतीक बताकर वहां दर्शन कराता था। इस दौरान वहां के लोग इसकी वास्तविकता से वाकिफ नहीं होते थे।

भारी मात्रा में मिले सामान

चोर खेमराज चौहान के पास पुलिस ने भारी मात्रा में सामाग्री बरामद किए हैं। इसमें 2.300 किलो चांदी, 23 किलो पीतल, एक देसी कट्टा और तीन कारतूस बरामद किए हैं। इन सामाग्रियों की कीमत लाखों में है। उसके पास से एक स्विफ्ट डिजायर कार भी मिली है, जिसका इस्तेमाल वह चोरी के लिए करता था।

धार एसपी मयंक अवस्थी ने बताया कि 15 सितंबर को पीथमपुर इंडोरामा सेक्टर-1 स्थित उद्योगपति बालाजी मंदिर में चोरी हुई थी। इसके बाद जांच के लिए एक टीम गठित की गई। जांच के दौरान 150 सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले गए। इसके बाद आरोपी की पहचान हुई है। वह इंदौर के तेजाजी नगर का रहने वाला है।

खुद को बताता था दर्शन का हिस्सा

वहीं, चोरी के इन सामानों को धारण कर वह गुजरात के प्रसिद्ध मंदिरों के बाहर बैठ जाता था। साथ ही खुद को दर्शन का हिस्सा बताता था। इस दौरान लोगों उस पर चढ़ावे भी चढ़ाते थे।

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