FIR के एक दिन पहले तक आरोपियों ने लगाई अटेंडेंस:PHQ की मेडिकल शाखा में फर्जी बिल घोटाला

मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय में मेडिकल शाखा के अधिकारियों ने फर्जी बिल बनाकर 15 लाख रुपए हड़पने के मामले में आवेदन देने वाले पीटीआरआई शाखा के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। इन बयानों में फर्जीवाड़े के तरीके का खुलासा हुआ है। वहीं आरोपियों में प्रभारी- ASI हर्ष वानखेड़े, कैशियर- सूबेदार नीरज कुमार और सहायक स्टाफ- हेड कॉन्स्टेबल राजपाल ठाकुर शामिल हैं।

एफआईआर दर्ज होते ही तीनों फरार हो गए हैं। खास बात ये है कि एफआईआर दर्ज करने के एक दिन पहले तक कार्मिक शाखा में नीरज और हर्ष ने अटेंडेंस लगाई है। जबकि राजपाल मंगलवार को मेडिकल लीव पर चला गया था।

आरोपी ऐसे देते थे ठगी को अंजाम

जांच के दौरान पीएचक्यू के अधिकारी ने प्रेस प्रशिक्षण शाखा पुलिस मुख्यालय के आरक्षक संतोष कुमार ने बताया कि आरोपियों ने 20 देयकों 4 अगस्त 2023 से 14 अगस्त 23 के बीच 5 लाख 7 हजार रुपए का भुगतान किया। 24 देयकों से 31 मार्च 24 में 4.78 लाख रुपए भुगतान किया गया।

सभी देयकों को राजपाल कॉल कर बताता था कि गलती से मेडिकल शाखा की रकम आपके खाते में चली गई है। इसे लौटाने के लिए आरोपी अपने पर्सनल अकाउंट नंबर और यूपीआई दिया करता था।

फर्जी मेडिकल बिल लगाकर हड़पी राशि

टीआई सीबी राठौर ने बताया कि पीटीआरआई के कर्मचारियों ने फरवरी 2025 में आवेदन देकर मामले की जानकारी सीनियर अफसरों को दी थी। जांच में खुलासा हुआ कि ASI हर्ष वानखेड़े, सूबेदार नीरज कुमार और हेड कॉन्स्टेबल राजपाल ठाकुर ने 2023 से जुलाई 2025 के बीच फर्जी मेडिकल बिल पास कर सरकारी राशि अपने बैंक खातों में ट्रांसफर कराई है।

डीएसपी ओपी मिश्रा ने कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन मंगलवार को सौंपा था। इसके आधार पर बुधवार को जहांगीराबाद पुलिस ने कूट रचित दस्तावेज और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। बता दें कि फरवरी महीने में ही तीनों आरोपियों को सस्पेंड कर दिया गया था।

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